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अब सरकारी फीस हड़प न सकेंगे कॉलेज

Thu, 12 May 2016 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Thu, 12 May 2016 12:48 AM IST
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Now the government will not steal college fees
उत्तर प्रदेश वस्‍त्र प्रौद्योगिकी संस्थान में मेस में खाना चखते प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल। - फोटो : amarujala
कानपुर। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेजों में 40 फीसदी से ज्यादा सीटों पर एडमिशन वाले अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के स्टूडेंटों को सरकारी फीस (शुल्क प्रतिपूर्ति), छात्रवृत्ति नहीं मिल पाएगी। इस पर समाज कल्याण विभाग ने रोक लगा दी है। साफ कहा है कि इस तबके के ज्यादा स्टूडेंटों को एडमिशन देकर सरकारी फीस हड़पने का खेल अब नहीं चलेगा। सिर्फ 40 फीसदी स्टूडेंटों को ही धनराशि दी जाएगी।  
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प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मुकुल सिंघल ने बुधवार को शहर के तकनीकी संस्थान और उससे संबंधित कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान सरकारी फीस, छात्रवृत्ति न मिलने का मामला उठाया गया। इसका संज्ञान लेकर ही प्रमुख सचिव ने बताया कि समाज कल्याण विभाग ने नियम सख्त कर दिए हैं। राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (एसईई) में सफल और काउंसलिंग से एडमिशन लेने वाले स्टूडेंटों को ही अब सरकारी फीस, छात्रवृत्ति दी जाएगी। मैनेजमेंट कोटे से एडमिशन लेने वाले स्टूडेंटों को इसका फायदा नहीं मिलेगा। मैनेजमेंट कोटे के उन्हीं स्टूडेंटों को फीस मिल सकती है, जो डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी की वेबसाइट www.aktu.ac.in पर जाकर एडमिशन लेंगे। नई व्यवस्थाएं शैक्षिक सत्र 2016-17 से लागू होंगी।
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जुलाई से पहले शिक्षकों की भर्ती
एचबीटीआई, यूपीटीटीआई और एआईटीएच कानपुर सहित यूपी के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों के खाली पद जुलाई से पहले भरे जाएंगे। इसकी प्रक्रिया इसी महीने से शुरू होगी। प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मुकुल सिंघल ने जल्द ही विज्ञापन निकालकर पद भरने के आदेश दिए हैं। प्रमुख सचिव ने कहा कि एकेटीयू ने शिक्षकों की नियुक्ति की नियमावली बना दी है। इसी नियमावली से भर्ती की जाएगी। इंजीयरिंग कॉलेजों में शिक्षकों के 60 फीसदी पद खाली हैं। शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 साल से बढ़ाकर 65 साल किए जाने का सवाल प्रमुख सचिव टाल गए।
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d हर महीने निदेशक, शिक्षक और स्टूडेंट के बीच मीटिंग हो। जो समस्या निकलकर आए, उसका समाधान कराया जाए। d एचबीटीआई में 16 मई से स्टूडेंटों को ई-जर्नल उपलब्ध कराया जाए। d टॉयलेट साफ-सुथरा रखें और उसमें पानी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।  d वाई-फाई, इंटरनेट और डिजिटलाइजेशन का काम तेज हो।  d पेयजल की सही व्यवस्था जरूरी। एक्वागार्ड की संख्या बढ़ाई जाए।  d हर साल कोर्स अपग्रेड किया जाए। इसके लिए औद्योगिक इकाइयों और स्टूडेंटों की सलाह ली जाए।  d खाना सही मिले, ताकि बीमारी फैलने का खतरा न रह सके।  d लैब और लाइब्रेरी को अपग्रेड करने का विस्तृत प्रोजेक्ट बनाकर दिया जाए। 
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