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नोट की चोट से हाय-तौबा, बड़ा नोट ‘ना बाबा ना’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 09 Nov 2016 04:54 PM IST
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हर तरफ सिर्फ नोट ही नोट की चर्चा
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एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने की चोट से कानपुर में हाय-तौबा मची हुई है। रात से लेकर सुबह और सुबह से लेकर रात हर तरफ सिर्फ नोटों की ही चर्चा है।
बड़ा नोट देखकर हर कोई ‘ना बाबा ना’ कह रहा है। शास्त्री नगर के एक मेडिकल स्टोर पर दवा लेने के बाद रजनीश ने पांच सौ का नोट थमाया तो दुकान मालिक पीएन शर्मा ने हाथ जोड़ लिए। उन्होंने रजनीश को दुकान में लगे टीवी पर चल रही न्यूज दिखाते हुए कहा कि भैया अब ये नोट नहीं चलना तो हम कैसे ले लें। काली मठिया चौराहे पर शराब की दुकान पर मंगलवार रात 11 बजे तक धड़ल्ले से एक हजार और पांच सौ के नोट लिए जा रहे थे। पियक्कड़ दुकान पर पहुंचते और पांच सौ का नोट निकालकर मजे से ये लो और लाओ पौआ कहते नजर आये। बुधवार सुबह नशा उतरा तो लोग बड़े नोटों को देखकर दुख भरे गाने गाते नजर आये।
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बड़ा नोट देखकर हर कोई ‘ना बाबा ना’ कह रहा है। शास्त्री नगर के एक मेडिकल स्टोर पर दवा लेने के बाद रजनीश ने पांच सौ का नोट थमाया तो दुकान मालिक पीएन शर्मा ने हाथ जोड़ लिए। उन्होंने रजनीश को दुकान में लगे टीवी पर चल रही न्यूज दिखाते हुए कहा कि भैया अब ये नोट नहीं चलना तो हम कैसे ले लें। काली मठिया चौराहे पर शराब की दुकान पर मंगलवार रात 11 बजे तक धड़ल्ले से एक हजार और पांच सौ के नोट लिए जा रहे थे। पियक्कड़ दुकान पर पहुंचते और पांच सौ का नोट निकालकर मजे से ये लो और लाओ पौआ कहते नजर आये। बुधवार सुबह नशा उतरा तो लोग बड़े नोटों को देखकर दुख भरे गाने गाते नजर आये।
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