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बीमार बेटे को गोद में उठा 30 किलोमीटर तक पैदल चली मां पहुंची अस्पताल, इलाज मिला तो नम हो गई आंखें
Fri, 27 Mar 2020 12:07 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 27 Mar 2020 12:07 AM IST
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30किमी पैदल चलकर बेटे का इलाज कराने पहुंची मां
- फोटो : amar ujala
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चित्रकूट में लॉकडाउन के दौरान कोई संसाधन न चलने से कई रोगी व उनके परिजनों को परेशानी हो रही है। बीमार बेटे का इलाज कराने के लिए बृहस्पतिवार को उसकी मां लगभग 30 किमी पैदल चलकर निजी अस्पताल पहुंची।
इस दौरान कुछ समाजसेवियों ने उन्हें पानी व बिस्कुट दिया। जिले के ऐंचवारा निवासी मायादेवी ने बताया कि उसका परिवार गुप्त गोदावरी के पास रहता है। बुधवार की दोपहर से उसके एक साल के बेटे की तबियत ज्यादा खराब हो गई।
आस पास के डाक्टरों से इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीें हुआ। इसके बाद वह परेशान होकर परिजनों के साथ पैदल ही गुप्त गोदावरी से कर्वी मुख्यालय लगभग 30 किमी चलकर आई। स्टेशन रोड स्थित डा. सुरेंद्र अग्रवाल के क्लीनिक में उसका इलाज किया गया।
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इस दौरान पैदल आने से मां व उसके परिजनों की भी हालत खराब हो गई थी। स्थानीय समाजसेवी गणेश मिश्रा आदि युवकों ने इसकी जानकारी होते ही मां व बच्चे को पानी बिस्कुट आदि का इंतजाम किया। इलाज के कुछ घंटे बाद बच्चे की हालत में काफी सुधार हुआ।
कोरोना के कारण बहुत से लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही है। रोज रोटी कमाने वाले लोगों में दुष्प्रभाव की चिंता और जेब में फूटी कौड़ी नहीं होने के कारण लगभग तीन सौ से चार सौ किलोमीटर तक का सफर पैदल ही तय करते लोगों का हाईवे पर नजर आना आम हो गया है।
भूख-प्यास से बेहाल इन लोगों के चेहरों पर छाई मायूसी के बीच घर पहुंचने को लेकर मन में पैदा जज्बा इनके बुलंद हौसलों की दाद दे रहा था।
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इस दौरान कुछ समाजसेवियों ने उन्हें पानी व बिस्कुट दिया। जिले के ऐंचवारा निवासी मायादेवी ने बताया कि उसका परिवार गुप्त गोदावरी के पास रहता है। बुधवार की दोपहर से उसके एक साल के बेटे की तबियत ज्यादा खराब हो गई।
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आस पास के डाक्टरों से इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीें हुआ। इसके बाद वह परेशान होकर परिजनों के साथ पैदल ही गुप्त गोदावरी से कर्वी मुख्यालय लगभग 30 किमी चलकर आई। स्टेशन रोड स्थित डा. सुरेंद्र अग्रवाल के क्लीनिक में उसका इलाज किया गया।
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इस दौरान पैदल आने से मां व उसके परिजनों की भी हालत खराब हो गई थी। स्थानीय समाजसेवी गणेश मिश्रा आदि युवकों ने इसकी जानकारी होते ही मां व बच्चे को पानी बिस्कुट आदि का इंतजाम किया। इलाज के कुछ घंटे बाद बच्चे की हालत में काफी सुधार हुआ।
कोरोना के कारण बहुत से लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही है। रोज रोटी कमाने वाले लोगों में दुष्प्रभाव की चिंता और जेब में फूटी कौड़ी नहीं होने के कारण लगभग तीन सौ से चार सौ किलोमीटर तक का सफर पैदल ही तय करते लोगों का हाईवे पर नजर आना आम हो गया है।
भूख-प्यास से बेहाल इन लोगों के चेहरों पर छाई मायूसी के बीच घर पहुंचने को लेकर मन में पैदा जज्बा इनके बुलंद हौसलों की दाद दे रहा था।