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ज्यादा गाड़ियां तो सिग्नल ग्रीन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2016 01:02 AM IST
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कानपुर। इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत लगने वाली ट्रैफिक लाइटें चौराहों पर वाहनों की संख्या के लिहाज से रेड-येलो-ग्रीन होंगी। चौराहे की जिस रोड पर वाहनों की संख्या ज्यादा होगी, वहां निर्धारित समय से पहले ग्रीन लाइट जलेगी। इसके साथ ही वाई-फाई नेटवर्क फेल होने के बावजूद रेडियो फ्रिक्वेंसी पर सिस्टम काम करता रहेगा।
मंगलवार को केडीए चीफ इंजीनियर ने सिस्टम डेवलप कर रही कंपनी के प्रतिनिधियों से ट्रैफिक सिस्टम के तकनीकी पहलुओं को जाना। चीफ इंजीनियर वीके गोयल ने बताया कि सिस्टम चलाने के लिए सोलर,इलेक्ट्रिक और बैट्री तीनों माध्यम रहेंगे। दिसंबर तक यह सिस्टम चालू कर दिया जाएगा।
ऐसे काम करेगा सिस्टम
ट्रैफिक सिस्टम को पुलिस लाइन में बने मास्टर कंट्रोल रूम से संचालित किया जाएगा। चौराहों पर ट्रैफिक के लिहाज पहले ऑटो मोड लगेगा। ऑटो मोड का मतलब लाइटों के टाइमर एक्टीवेट होंगे। हर दो या तीन मिनट में सिग्नल बदलते रहेंगे। अगले चरण में वाई-फाई के जरिए कंट्रोल रूम से कनेक्टिविटी के बाद कहीं जाम लगने पर कंट्रोल रूम में बैठा ऑपरेटर सिग्नल को कंट्रोल कर सकेगा। जाम को देखकर वह ट्रैफिक लाइटें कंट्रोल कर सकेगा।
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तीन बैकअप हैं
वाई-फाई सिस्टम के लिए चौराहे के मेन पोल में लगे बॉक्स में मास्टर सिम लगेगा। यह चौराहे के आसपास लगे अन्य पोल के सेकेंडरी सिम से जुड़ा होगा। इसका कनेक्शन कंट्रोल रूम से होगा। मास्टर सिम में गड़बड़ी पर सेकेंडरी सिम के जरिए ट्रैफिक लाइट जलती रहेेगी। वाई-फाई ठप होने की सूरत में रेडियो फ्रिक्वेंसी के जरिए ट्रैफिक संचालित होगा। इसके भी फेल होने की स्थिति में सिस्टम मैनुअली भी आपरेट किया जा सकेगा।
व्यस्त चौराहों पर लगेगी स्क्रीन
आईटीएमएस के अंतर्गत जिस चौराहे पर आप खड़े होंगे उसके आगे वाले चौराहे का लाइव एलईडी स्क्रीन आपको दिखता रहेगा। ऐसे में जाम की पूर्व सूचना मिलने पर लोग रास्ते बदल सकेंगे। नरोना चौराहा, फूलबाग चौराहा, बड़ा चौराहा, कारसेट चौराहा, हर्ष नगर तिराहा, मोतीझील चौराहा, सरसैया घाट चौराहा, ग्रीन पार्क चौराहा, मर्चेंट्स चेंबर तिराहा, रेव थ्री चौराहा, रानीघाट चौराहे पर पहले चरण में स्क्रीन लग सकती है।
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मंगलवार को केडीए चीफ इंजीनियर ने सिस्टम डेवलप कर रही कंपनी के प्रतिनिधियों से ट्रैफिक सिस्टम के तकनीकी पहलुओं को जाना। चीफ इंजीनियर वीके गोयल ने बताया कि सिस्टम चलाने के लिए सोलर,इलेक्ट्रिक और बैट्री तीनों माध्यम रहेंगे। दिसंबर तक यह सिस्टम चालू कर दिया जाएगा।
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ऐसे काम करेगा सिस्टम
ट्रैफिक सिस्टम को पुलिस लाइन में बने मास्टर कंट्रोल रूम से संचालित किया जाएगा। चौराहों पर ट्रैफिक के लिहाज पहले ऑटो मोड लगेगा। ऑटो मोड का मतलब लाइटों के टाइमर एक्टीवेट होंगे। हर दो या तीन मिनट में सिग्नल बदलते रहेंगे। अगले चरण में वाई-फाई के जरिए कंट्रोल रूम से कनेक्टिविटी के बाद कहीं जाम लगने पर कंट्रोल रूम में बैठा ऑपरेटर सिग्नल को कंट्रोल कर सकेगा। जाम को देखकर वह ट्रैफिक लाइटें कंट्रोल कर सकेगा।
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तीन बैकअप हैं
वाई-फाई सिस्टम के लिए चौराहे के मेन पोल में लगे बॉक्स में मास्टर सिम लगेगा। यह चौराहे के आसपास लगे अन्य पोल के सेकेंडरी सिम से जुड़ा होगा। इसका कनेक्शन कंट्रोल रूम से होगा। मास्टर सिम में गड़बड़ी पर सेकेंडरी सिम के जरिए ट्रैफिक लाइट जलती रहेेगी। वाई-फाई ठप होने की सूरत में रेडियो फ्रिक्वेंसी के जरिए ट्रैफिक संचालित होगा। इसके भी फेल होने की स्थिति में सिस्टम मैनुअली भी आपरेट किया जा सकेगा।
व्यस्त चौराहों पर लगेगी स्क्रीन
आईटीएमएस के अंतर्गत जिस चौराहे पर आप खड़े होंगे उसके आगे वाले चौराहे का लाइव एलईडी स्क्रीन आपको दिखता रहेगा। ऐसे में जाम की पूर्व सूचना मिलने पर लोग रास्ते बदल सकेंगे। नरोना चौराहा, फूलबाग चौराहा, बड़ा चौराहा, कारसेट चौराहा, हर्ष नगर तिराहा, मोतीझील चौराहा, सरसैया घाट चौराहा, ग्रीन पार्क चौराहा, मर्चेंट्स चेंबर तिराहा, रेव थ्री चौराहा, रानीघाट चौराहे पर पहले चरण में स्क्रीन लग सकती है।