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पूर्व छात्रों ने उठाया बीड़ा, चमकेगा मेडिकल कॉलेज का हॉस्टल

Tue, 26 Dec 2017 12:55 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 26 Dec 2017 12:55 AM IST
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Medical College hostel will be raised by former students
मेडिकल कॉलेज का हास्टल - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज के जर्जर हॉस्टल बीएच-2 की मरम्मत का बीड़ा पूर्व छात्रों ने उठाया है। 1987 बैच के इन पूर्व छात्रों के सहयोग से हॉस्टल को चमकाया जाएगा। इसके लिए पूर्व छात्रों ने इसी महीने एक्स गणेशियन वेलफेयर नाम से सोसाइटी बनाई है। इस सोसाइटी के नाम से एसबीआई में खाता भी खुलवाया है। पहले चरण में नए साल में 27 लाख रुपये से हॉस्टल के शौचालयों और  सीवरेज सिस्टम को सुधारा जाएगा। अगले चरण में कमरों की मरम्मत होगी।
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जर्जर हालत के कारण छह कमरे बंद कर दिए गए हैं

Medical College hostel will be raised by former students
जर्जर हास्टल में खड़ी मोटरसाईकिल - फोटो : अमर उजाला
पांच दशक पहले बने मेडिकल कॉलेज में बीएच-1 से लेकर बीएच-5 तक हॉस्टल हैं। इसके अलावा पीजी हॉस्टल भी हैं। बीएच-1,2 और 3 की हालत ज्यादा खराब है। बीएच-2 में 100 कमरे हैं। कमरों के दरवाजे, खिड़कियां टूटी हैं। छत का प्लास्टर और ईंटें गिरती हैं। जर्जर हालत के कारण छह कमरे बंद कर दिए गए हैं। अन्य कमरों में रह रहे छात्रों ने दरवाजों और खिड़कियों में दफ्ती आदि लगा रखी है। इसके अलावा शौचालयों की हालत बहुत खराब है। दूसरी मंजिल के चार शौचालय में से तीन में दरवाजे ही नहीं हैं। इसके अलावा हॉस्टल के सभी 30 शौचालयों के दरवाजे टूटे हैं। गंदगी भी बहुत है। मेस और उसके आसपास भी गंदगी है।



 
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कमेटी ने बैच से कई लाख रुपये जुटा लिए हैं

Medical College hostel will be raised by former students
मेडिकल कॉलेज का हास्टल - फोटो : अमर उजाला
यही हालत बीएच-1 और बीएच-3 की भी है। इसी के चलते 1987 बैच के छात्र बीएच-2 हॉस्टल को चमकाने के लिए एकजुट हुए हैं। इस बैच के छात्र रहे और मौजूदा समय में कॉलेज के बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने सहपाठियों को एकजुट किया। इसके बाद सोसाइटी बनाई। डॉ. राव ने बताया कि सैफई (इटावा) में तैनात डॉ. भारत भूषण भरद्वाज को सचिव और कानपुर में ही प्रैक्टिस करने वाले डॉ. अश्वनी शुक्ला को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी ने बैच से कई लाख रुपये जुटा लिए हैं। शौचालयों से लेकर सीवरेज, ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने के लिए इंजीनियरों ने 27 लाख का बजट बनाया है। यह काम नए साल की शुरुआत से ही शुरू हो जाएगा।


 
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1987 बैच के छात्रों उठाया है बीड़ा

Medical College hostel will be raised by former students
मेडिकल कॉलेज का हास्टल - फोटो : अमर उजाला
हां, यह सच है कि 1987 बैच के छात्रों ने बीएच-2 हॉस्टल की मरम्मत का बीड़ा उठाया है। मैं भी बीएच-1 हॉस्टल में साढ़े चार लाख रुपये का काम करा रहा हूं। हॉस्टलों, कॉलेज, अस्पतालों एवं चिकित्सा उपकरणों की मरम्मत के लिए साल में 60 लाख रुपये का बजट मिलता है।
डॉ. नवनीत कुमार, प्राचार्य, जीएसवीएम मेडिकल कालेज
 
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