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प्रबंधकों की मौज, उपभोक्ता परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jul 2016 12:47 AM IST
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बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर। एक साल से प्रतिबंध झेल रहे ब्रह्मावर्त बैंक के प्रबंधकों की मंशा पर अब सवाल उठने लगे हैं। प्रबंधकों ने रिजर्व बैंक को भरोसा दिया था कि वह जल्द से जल्द बैंक की ओर से दिया गया कर्ज वसूल लेंगे, ताकि बैंक की पूंजी बढ़ाई जा सके। निर्धारित समय से पहले बैंक प्रबंधक खैरात में बांटा गया कर्ज नहीं वसूल सके। नतीजे में उस पर छह माह का प्रतिबंध फिर से लगा दिया गया। प्रतिबंध का असर गरीब उपभोक्ताओं पर पड़ा। बैंक प्रबंधकों की सेहत पर असर नहीं, उन्हें हर माह तय समय पर वेतन मिल रहा है। बैंक के सचिव ने स्वीकार किया है वे वसूली में नाकाम रहे हैं।
एक का इस्तीफा दिलवाकर हुई खानापूरी
बैंक की प्रबंध समिति में ब्रह्मस्वरूप मिश्रा अध्यक्ष, उनका बेटा आशुतोष मिश्रा सचिव, अध्यक्ष का पौत्र गौरव मिश्रा सहायक सचिव और अध्यक्ष का दूसरा पौत्र सौरभ मिश्रा पीआरओ है। ये सभी एक ही परिवार के हैं। रिजर्व बैंक ने आदेश दिया था कि प्रबंध समिति से परिवार के लोगों की संख्या कम की जाए। प्रबंधकों ने सिर्फ उप महाप्रबंधक किरन मिश्रा का इस्तीफा लेकर खानापूरी की। परिवार के बाकी सदस्य लाखों रुपये वेतन ले रहे हैं। किरन मिश्रा बैंक के सचिव आशुतोष मिश्रा की पत्नी हैं।
निजी मकान में बैंक किराया भी वसूल रहे
प्रबंध समिति ने बैंक का मुख्यालय एवं एक शाखा रतनलाल नगर में और दूसरी शाखा बर्रा-8 स्थित अपने निजी मकानों में खोल रखी है। बावजूद इसके प्रबंधन किराये के नाम पर लाखों रुपये बैंक से ले रहा था। इसके अलावा शाखा के रखरखाव के लिए प्रतिमाह धन निकाला जा रहा था। बैंक की विभिन्न शाखाओं से फर्जी व्यक्तियों के नाम असुरक्षित ऋण दिए गए, जिसकी वसूली नहीं हो पा रही है। इस कारण 20 फीसदी से अधिक एनपीए बढ़ गया है।
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एक का इस्तीफा दिलवाकर हुई खानापूरी
बैंक की प्रबंध समिति में ब्रह्मस्वरूप मिश्रा अध्यक्ष, उनका बेटा आशुतोष मिश्रा सचिव, अध्यक्ष का पौत्र गौरव मिश्रा सहायक सचिव और अध्यक्ष का दूसरा पौत्र सौरभ मिश्रा पीआरओ है। ये सभी एक ही परिवार के हैं। रिजर्व बैंक ने आदेश दिया था कि प्रबंध समिति से परिवार के लोगों की संख्या कम की जाए। प्रबंधकों ने सिर्फ उप महाप्रबंधक किरन मिश्रा का इस्तीफा लेकर खानापूरी की। परिवार के बाकी सदस्य लाखों रुपये वेतन ले रहे हैं। किरन मिश्रा बैंक के सचिव आशुतोष मिश्रा की पत्नी हैं।
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निजी मकान में बैंक किराया भी वसूल रहे
प्रबंध समिति ने बैंक का मुख्यालय एवं एक शाखा रतनलाल नगर में और दूसरी शाखा बर्रा-8 स्थित अपने निजी मकानों में खोल रखी है। बावजूद इसके प्रबंधन किराये के नाम पर लाखों रुपये बैंक से ले रहा था। इसके अलावा शाखा के रखरखाव के लिए प्रतिमाह धन निकाला जा रहा था। बैंक की विभिन्न शाखाओं से फर्जी व्यक्तियों के नाम असुरक्षित ऋण दिए गए, जिसकी वसूली नहीं हो पा रही है। इस कारण 20 फीसदी से अधिक एनपीए बढ़ गया है।
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