कानपुर रैली के दौरान बुधवार को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में मंच से भले ही प्रदेश में 74 सीटें जीतने का लक्ष्य कार्यकर्ताओं को दे गए हों, लेकिन 2014 जैसी लहर नहीं होने की वजह से बहुत कुछ दारोमदार योगी सरकार पर भी छोड़ गए।
इशारों-इशारों में कहा भी कि इस बार राह उतनी आसान नहीं है, जितनी पिछले लोकसभा चुनाव में थी। इस स्थिति को देखते हुए भाजपा ने प्रदेश सरकार को निश्चित सीटों का टारगेट दिया है।
यह पिछले चुनाव से काफी कम तो है लेकिन चुनौतीपूर्ण भी। योगी सरकार को इसी पैमाने पर अपने को साबित करना है। भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि परिणाम के आधार पर सरकार में चुनाव बाद भारी फेरबदल हो सकता है।
शाह की कुछ खास नेताओं से चर्चा में यह भी सामने आया कि इस बार लहर पिछली बार जैसी नहीं है। कार्यक्रम में भीड़ पैमाना न बने, इसलिए मंच संचालकों की तरफ से बार-बार बताया जा रहा था कि यह रैली या जनसभा नहीं, बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने बूथ और सेक्टर स्तर के कार्यकर्ताओं को इस बार बड़ी जिम्मेदारी की चुनौती याद भी दिलाई।