फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   korona se bigade haalaat, udyamee badal rahe vyaapaar

कोरोना से बिगड़े हालात, उद्यमी बदल रहे व्यापार

Wed, 17 Jun 2020 12:51 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2020 12:51 AM IST
विज्ञापन
korona se bigade haalaat, udyamee badal rahe vyaapaar
औद्योगिक क्षेत्र का फाइल फोटो। - फोटो : UNNAO
उन्नाव। लॉकडाउन ने उद्यमियों को तगड़ा झटका दिया है। बंदी से कई उद्योग प्रभावित हुए हैं। अनलॉक-1 के बाद भी घरेलू और विदेशी निर्यात को पटरी पर आने में महीनों का वक्त लगेगा। इस ‘बंदी’ ने उद्यमियों को व्यापार बदलने पर मजबूर कर दिया है। कुछ ने परंपरागत उत्पाद के साथ ही मौजूदा मांग के अनुसार उत्पाद बनाने शुरू कर दिए हैं। कुछ बदलाव की राह पर हैं। खाने में प्रयोग होने वाले रंग बनाने वाले उद्यमी ने यह काम बंद कर सैनिटाइजर बनाने का लाइसेंस लिया है। वहीं सात अन्य उद्यमी हैंडवॉश, मास्क, सैनिटाइजर आदि बनाने के लाइसेंस लेने की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं।
विज्ञापन

मगरवारा स्थित रहमान फैक्टरी में लॉकडाउन से पहले खाद्य पदार्थों में प्रयोग होने वाला रंग बनाने का काम होता था। फैक्टरी का वार्षिक टर्नओवर लाखों में था। एक सैकड़ा से ज्यादा मजदूर इस फैक्टरी से जुड़े हुए थे। लॉकडाउन में रहमान फैक्टरी भी बंदी रही। करीब ढाई माह तक फैक्टरी के ताले नहीं खुले तो आर्थिक हालात गड़बड़ा गए। अनलॉक-1 में इस फैक्टरी और तमाम उद्योगों के मालिकान को काम पटरी पर आने की उम्मीद जगी थी। कोरोना महामारी से व्यापार तेजी नहीं पकड़ पाया। बंदिशों से न तो उत्पादन बढ़ पाया और न ही बिक्री। इससे उद्यमियों ने धंधे को बदलने के बारे में सोचना शुरू किया।
विज्ञापन

रहमान फैक्टरी प्रबंध तंत्र ने औषधि निरीक्षक से सैनिटाइजर निर्माण के लाइसेंस के लिए संपर्क किया। निरीक्षक अजय संतोषी ने मानकों को पूरा करने के बाद काम शुरू करने की अनुमति देने के लिए कहा। चूंकि प्रबंधन के पास जगह व अन्य व्यवस्थाएं पहले से ही थीं, इससे विभाग को लाइसेंस देने में समस्या नहीं आई। प्रबंधन ने 1500 लीटर प्रतिदिन सैनिटाइजर निर्माण का लाइसेंस लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चर्म उद्योग समेत कई अन्य लाइन में
कोरोना संक्रमण ने चर्म उद्योग के साथ कई अन्य उद्यमों को प्रभावित किया है। बाजार में उत्पादों की बिक्री न होने से उद्यमी परेशान हैं। यह ऐसे व्यवसाय में उतरने की योजना बना रहे जो कोरोना संक्रमण काल में बंदी की चपेट में न आएं। इसी से कई उद्यमियों ने सैनिटाइजर बनाने के क्षेत्र में उतरने का मन बनाया है।
हालात से उबरने की कर रहे कोशिश
आईआईए (इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जीएन मिश्रा ने बताया कि लॉकडाउन ने उद्योग जगत को काफी नुकसान पहुंचाया है। उत्पादन, घरेलू और विदेशी व्यापार ठप होने से उद्योग बुरी तरह प्रभावित हैं। पूरे प्रदेश में सैकड़ों उद्यमी परंपरागत उत्पाद के साथ मौजूदा समय में बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद बनाना शुरू कर रहे हैं। यह पीपीई किट, मास्क, हैंडवॉश, सैनिटाइजर जैसे उत्पाद बनाने लगे हैं। उद्यमियों ने यह बदलाव मौजूदा हालातों से उबरने के लिए किए हैं।

मगरवारा स्थित रहमान फैक्टरी को सैनिटाइजर निर्माण का लाइसेंस जारी कर दिया गया है। आबकारी विभाग से लाइसेंस मिलने के बाद संभवत: एक सप्ताह में उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा एक चर्म उद्योग के संचालक ने सैनिटाइजर व हैंडवॉश बनाने के लिए लाइसेंस लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली है। कई अन्य उद्यमी भी इस संबंध में जानकारी ले रहे हैं।
-अजय कुमार संतोषी, औषधि निरीक्षक उन्नाव।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed