Kanpur Weather Update: कहीं आंधी-बारिश और ओले...तो कहीं निकली चटक धूप, नौ जून तक रह सकती है ऐसी स्थिति
Weather News: बढ़ते तापमान और हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से महानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में अगले 9 जून तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
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कानपुर शहर ने मंगलवार को मौसम के गजब नजारा देखा। शहर के एक हिस्से (दक्षिण क्षेत्र) में बारिश और ओलों के साथ 42 किमी की रफ्तार से आंधी चली। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के तार टूटे और होर्डिंग धराशायी हो गईं। वहीं शहर का दूसरा हिस्सा (उत्तर व पश्चिम क्षेत्र) सूखा पड़ा रहा, न आंधी आई न बारिश हुई।
यहां पर आम दिनों की तरह मात्र छह किमी की रफ्तार से हवा चली। पांच मिनट की बूंदाबांदी के बाद लोग उमस और गर्मी से लोग परेशान रहे। शहर के दोनों क्षेत्रों अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी अंतर रहा। दक्षिण क्षेत्र के चकेरी एयरफोर्स के मौसम कार्यालय अधिकतम पारा 41.5 और न्यूनतम 26.2 डिग्री रहा।
वहीं उत्तर क्षेत्र में सीएसएस के मौसम विभाग मे अधिकतम तापमान 39.2 और न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इस तरह दोनों क्षेत्रों के तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस का अंतर रहा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार दक्षिण क्षेत्र में अधिक तापमान की वजह से कम दबाव का क्षेत्र बना और आंधी-बारिश आई।
हवा के कम दबाव से बना बड़ा बवंडर
जैसे-जैसे किसी क्षेत्र की हवा गर्म होती जाती है, वह ऊपर उठती जाती है। नीचे खाली होती जगह को दूसरी हवाएं भरने लगती हैं। इस प्रक्रिया में ऐसी स्थिति भी बनती है जब नीचे हवा के कम दबाव वाला क्षेत्र बन जाता है। ऐसे में हवा आंधी में बदल जाती है और और बारिश होने लगती है। कभी-कभी ऐसा छोटे से क्षेत्र में भी होता है।
तापमान बना रहता है ज्यादा
अक्सर खेतों और मैदानों में उठने वाला बवंडर इसी वजह से आता है। मंगलवार को दक्षिण क्षेत्र में चली आंधी भी इसी बवंडर का बड़ा रूप मानी जा रही है। दक्षिण क्षेत्र से कई हाइवे निकले हैं। वहां हरियाली भी बहुत कम है। साथ ही वाहनों के अधिक आवागमन की वजह से वहां तापमान ज्यादा रहता है।
नौ जून तक बनी रह सकती है ऐसी स्थिति
बढ़ते तापमान और हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से महानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में अगले 9 जून तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। सीएसएम मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अरब सागर से उठने वाली हवाओं की वजह से पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी बना हुआ है।
अलग-अलग हिस्सों में ओले, बारिश और आंधी
दोपहर दो बजे अचानक बादल छाने लगे। करीब 2:50 बजे सबसे पहले गोविंदनगर और बर्रा क्षेत्र में आंधी आई। हवा का रुख शहर के बीच से निकली रेलवे लाइन के उस पार ही रहा। गोविंदनगर और दक्षिण के अन्य मोहल्लों में तेज बारिश शुरू हो गई। ओले भी पड़ने लगे। लोगों को गर्मी से तो राहत मिली लेकिन पेड़ गिरने से जाम लगने, तार टूटने से बिजली जाने की परेशानी से जूझना पड़ा।
जब दक्षिण क्षेत्र में बारिश हो रही थी तब उत्तर में धूप झुलसा रही थी
जिस समय शहर के दक्षिण क्षेत्र में बारिश की वजह से लोग गर्मी से राहत महसूस कर रहे थे। उसी समय उत्तर क्षेत्र के जरीब चौकी, फजलगंज से लेकर गुमटी, सिविल लाइंस, माल रोड, घंटाघर व इसके आसपास आसमान से आग बरस रही थी। यहां के कुछ क्षेत्रों में मात्र पांच मिनट के लिए मौसम बदला, लेकिन उमस और गर्मी बनी रही।
अरे तुम्हारी तरफ ओले पड़ रहे क्या
महानगर में मंगलवार को ऐसा मौसम हो गया कि उत्तर क्षेत्र में रहने वाले लोग दक्षिण क्षेत्र के लोगों को फोन करके यह पूछ रहे थे कि तुम्हारी ओर ओले पड़ रहे है क्या। इसी तरह व्हाट्सएप और फेसबुक पर फोटो भी अपलोड कर रहे थे। एक तरफ पसीने और कड़ी धूप में फोटो तो दूसरी तरफ बारिश में भीगते और ओले बटोरते लोगों की फोटो। शहरवासियों के लिए यह मौसम काफी कौतूहल वाला रहा।