Kanpur: छात्रवृत्ति नहीं मिलने पर अनुसूचित जाति के छात्रों का विकास भवन में हंगामा, तीन घंटे गेट बंद
Kanpur News: छात्रवृत्ति न मिलने से नाराज अनुसूचित जाति के छात्रों ने विकास भवन में जमकर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि करीब तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों को अभी तक छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है।
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छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे छात्रों का सोमवार को सब्र टूट गया। छात्रवृत्ति न मिलने से नाराज छात्रों ने भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन के कार्यकर्ताओं के साथ विकास भवन पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक जिला समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर के मौके पर नहीं पहुंचने से आक्रोशित छात्रों ने विकास भवन का मुख्य गेट बंद कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए।
इसके बाद छात्र जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। करीब चार घंटे तक चले हंगामे से विकास भवन परिसर में अफरातफरी की स्थिति बनी रही। सूचना पर नवाबगंज पुलिस पहुंची और छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया जिसके बाद गेट खुलवाया। समाजकल्याण अधिकारी से लिखित में आश्वासन लेने के बाद छात्र वापस लौटे।
सोमवार को दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में छात्र विकास भवन पहुंचे और छात्रवृत्ति जारी करने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। ‘छात्र एकता जिंदाबाद’, ‘हमारी मांगें पूरी करो’ और ‘छात्रवृत्ति रिलीज करो’ जैसे नारों से परिसर गूंज उठा। करीब एक घंटे बीत जाने के बाद भी छात्रों की बात सुनने के लिए मौके पर कोई नहीं पहुंचा जब कि जिला समाजकल्याण अधिकारी अपने कार्यालय में उपस्थित थे।
यह सब देख छात्र और आक्रोशित हो गए उन्होंने विकास भवन का मुख्य गेट बंद कर दिया और बाहर निकलने का रास्ता रोककर धरने पर बैठ गए। इसके बाद छात्र जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। महौल बिगड़ता देख इसकी जानकारी तुंरत पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रों से बातचीत कर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर की बातचीत के बाद छात्रों ने गेट खोला।
इसके बाद पुलिस ने समाजकल्याण अधिकरी को बुलाया और उन्होनें समस्या बताईं। छात्रों ने बताया कि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल पाठ्यक्रम, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) समेत कई शिक्षण संस्थानों के एससी-एसटी के करीब चार हजार छात्रों को छात्रवृत्ति अभी तक नहीं मिली है। जब कि जून तक आ जानी चाहिए थी।
छात्रवृत्ति अटकने से छात्रों के सामने नए शैक्षिक सत्र में प्रवेश और फीस जमा करने का संकट खड़ा हो गया है। कई बार कार्यालय के चक्कर काटे लेकिन विभाग के अधिकारी लेकर पटल बाबू कोई सही जवाब नहीं दे रहे है बस जल्द आने की बात का आश्वासन देकर लौटा देते रहे। प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा हाथ में संविधान की किताब लेकर भी नजर आई। छात्रों ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनकी पढ़ाई जारी रखने का महत्वपूर्ण आधार है। समय पर राशि नहीं मिलने से फीस, प्रवेश और अन्य शैक्षिक खर्चों का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है।
अधिकारी ने दिया लिखित आश्वासन
हंगामे के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर ने छात्रों से उनकी मांगों का ज्ञापन लिया। उन्होंने छात्रों को लिखित आश्वासन भी दिया। पत्र में कहा गया है कि एससी-एसटी छात्रवृत्ति का कोई डाटा लंबित नहीं है। साथ ही एक माह के भीतर छात्रों के खातों में छात्रवृत्ति की राशि पहुंचाने का प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया गया है।
भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन के जिला संयोजक हेमंत कुमार विद्यार्थी ने कहा कि एससी-एसटी छात्रों की छात्रवृत्ति को लेकर प्रदेशभर में समस्या बनी हुई है। इसी के विरोध में छात्रों ने विकास भवन पहुंचकर आंदोलन किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से लिखित आश्वासन मिला है, लेकिन यदि निर्धारित समय में छात्रवृत्ति छात्रों के खातों में नहीं पहुंची तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।