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पहलगाम हमला: ऑपरेशन सिंदूर का एक साल, ऐशान्या द्विवेदी बोलीं- सेना ने लिया बदला, अब मिले शहीदों का दर्जा

Thu, 07 May 2026 02:43 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 07 May 2026 02:43 PM IST
सार

Kanpur News: पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या ने सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि धर्म के आधार पर निशाना बनाए गए उन निर्दोष नागरिकों को राष्ट्रीय सम्मान और शहीद का दर्जा दिया जाए।

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Kanpur Pahalgam Attack One Year of Operation Sindoor Aishanya Dwivedi Says Grant Them Martyr Status
आतंकवादी हमले में शहीद हुए शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या - फोटो : amar ujala

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की घाव आज भी हरे हैं। इस हमले में जान गंवाने वाले कानपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने गुरुवार को भारतीय सेना के जवाबी ऑपरेशन सिंदूर का एक साल पूरा होने पर सरकार और सेना के प्रति आभार जताया है। उन्होंने एक बार फिर इस हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों को शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई है।

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ऐशान्या ने भावुक होते हुए कहा कि सेना द्वारा चलाए गए अभियान का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखना उन महिलाओं के लिए बड़ा सम्मान था, जिनका सुहाग इस हमले में उजड़ गया था। आगे कहा कि आतंकवादी हमले पहले भी हुए, लेकिन सरकार और सेना ने जिस मजबूती से इस बार जवाब दिया, वह हमारे जैसे परिवारों के लिए न्याय जैसा है। ऐसा बदला पहले कभी नहीं लिया गया था।

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शहीद का दर्जा देने की मांग
ऐशान्या द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग सैन्य सम्मान के बजाय एक राष्ट्रीय पहचान की है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में लोगों का नाम पूछकर उन्हें निशाना बनाया गया। उन निर्दोष नागरिकों ने गर्व से अपना धर्म बताया और गोलियों का सामना किया। उन्होंने ने मांग दोहराई कि जिन निर्दोषों का बलिदान हुआ, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर शहीद का दर्जा मिलना चाहिए, ताकि उनकी शहादत को देश याद रखे।

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