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यूपी: अपहरणकर्ताओं को पकड़ने में नाकाम और फिरौती दिलवाने के मामले में इंस्पेक्टर रणजीत राय निलंबित
Thu, 16 Jul 2020 11:37 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 16 Jul 2020 11:37 AM IST
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पूर्व बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत राय
- फोटो : amar ujala
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कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में अपहरणकर्ताओं को पीडि़त परिवार से 30 लाख रुपये की फिरौती दिलवाने और इस मामले में लापरवाही करने पर बर्रा के थाना प्रभारी रणजीत राय को एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रियंका ने फेसबुक पोस्ट कर यूपी सरकार को घेरा था
प्रियंका गांधी ने लिखा था कि, 'कानपुर में बदमाशों ने एक युवक का अपहरण कर लिया था। अपहरण करने वालों ने परिवार से फिरौती मांगी। परिवार ने मकान और शादी के जेवर बेचकर 30 लाख रुपये इकट्ठा किए। पुलिस के कहने पर परिजनों ने पैसे से भरा बैग भी अपहरणकर्ताओं के हवाले कर दिया और पुलिस न तो बदमाशों को पकड़ सकी और न ही उनका बेटा छुड़ा सकी। परिजनों का रो - रोकर बुरा हाल है। ये उसी कानपुर का मामला है जहां कुछ दिनों पहले इतनी बड़ी घटना घटी थी। अब आप यूपी की कानून व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं'।
क्या है पूरा मामला
कानपुर के बर्रा थाना पुलिस को गच्चा देकर शातिर अपहरणकर्ता फिरौती के 30 लाख रुपये लेकर फरार हो गए और अपहृत को भी नहीं छोड़ा। 22 जून से अपहृत लैब टेक्नीशियन संजीत यादव को छोड़ने के लिए अपहर्ताओं ने परिजनों को रकम के साथ गुजैनी फ्लाईओवर के ऊपर बुलाया था।
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मकान और जेवर बेचकर जुटाई गई रकम लेकर परिजन फ्लाईओवर पर पहुंचे तो पुलिस भी उनके पीछे-पीछे अपहरणकर्ताओं को दबोचने के लिए लगी थी। अपहरणकर्ता पुलिस के प्लान से आगे निकले। वे फ्लाईओवर के नीचे खड़े रहे। परिजनों को फोन कर रकम नीचे फिंकवाई। पुलिस उन तक पहुंचती, इससे पहले ही वे रकम लेकर फरार भी हो गए। परिजनों ने एसएसपी के यहां गुहार लगाई थी।
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प्रियंका ने फेसबुक पोस्ट कर यूपी सरकार को घेरा था
प्रियंका गांधी ने लिखा था कि, 'कानपुर में बदमाशों ने एक युवक का अपहरण कर लिया था। अपहरण करने वालों ने परिवार से फिरौती मांगी। परिवार ने मकान और शादी के जेवर बेचकर 30 लाख रुपये इकट्ठा किए। पुलिस के कहने पर परिजनों ने पैसे से भरा बैग भी अपहरणकर्ताओं के हवाले कर दिया और पुलिस न तो बदमाशों को पकड़ सकी और न ही उनका बेटा छुड़ा सकी। परिजनों का रो - रोकर बुरा हाल है। ये उसी कानपुर का मामला है जहां कुछ दिनों पहले इतनी बड़ी घटना घटी थी। अब आप यूपी की कानून व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं'।
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क्या है पूरा मामला
कानपुर के बर्रा थाना पुलिस को गच्चा देकर शातिर अपहरणकर्ता फिरौती के 30 लाख रुपये लेकर फरार हो गए और अपहृत को भी नहीं छोड़ा। 22 जून से अपहृत लैब टेक्नीशियन संजीत यादव को छोड़ने के लिए अपहर्ताओं ने परिजनों को रकम के साथ गुजैनी फ्लाईओवर के ऊपर बुलाया था।
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मकान और जेवर बेचकर जुटाई गई रकम लेकर परिजन फ्लाईओवर पर पहुंचे तो पुलिस भी उनके पीछे-पीछे अपहरणकर्ताओं को दबोचने के लिए लगी थी। अपहरणकर्ता पुलिस के प्लान से आगे निकले। वे फ्लाईओवर के नीचे खड़े रहे। परिजनों को फोन कर रकम नीचे फिंकवाई। पुलिस उन तक पहुंचती, इससे पहले ही वे रकम लेकर फरार भी हो गए। परिजनों ने एसएसपी के यहां गुहार लगाई थी।