कानपुर: ‘चयन प्रक्रिया में बड़ा खेल’, खिलाड़ी बिना ट्रायल खेल आए नेशनल, खिलाड़ियों ने जताई आपत्ति, पढ़ें मामला
Kanpur News: सीनियर नेशनल पावरलिफ्टिंग व नेशनल बेंच प्रेस चैंपियनशिप के लिए उत्तर प्रदेश टीम के चयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय खिलाड़ियों और संघ के सदस्यों ने पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन पर धांधली का आरोप लगाया है। आरोप है कि बिना ट्रायल दिए खिलाड़ी अशोक मौर्या को नेशनल टीम में शामिल कर लिया गया, जबकि ट्रायल देने वाले कई प्रतिभावान खिलाड़ियों को बाहर कर दिया गया।
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कानपुर में सीनियर नेशनल पावर लिफ्टिंग व नेशनल बेंच प्रेस चैंपियनशिप के लिए प्रदेश की टीम के चयन की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। कई खिलाड़ियों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ पावरलिफ्टिंग संघ ने खेल किया है। नेशनल में कई ऐसे खिलाड़ी खेलकर आए हैं, जिन्होंने ट्रायल तक नहीं दिया था। खिलाड़ियों ने प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है। वहीं संघ के एक सदस्य को टीम चयन और प्रतियोगिता की जानकारी तक नहीं दी गई है।
दिल्ली में आठ और 11 सितंबर तक चार दिवसीय सीनियर नेशनल पावरलिफ्टिंग व नेशनल बेंच प्रेस चैंपियनशिप में हुई। इसमें प्रतिभाग करने वाली उत्तर प्रदेश टीम का चयन जिला और मंडल स्तरीय ट्रायल के जरिये हुआ। कुछ खिलाड़ियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनका ट्रायल तो लिया गया, लेकिन टीम में जगह नहीं दी गई। वहीं कुछ खिलाड़ियों ने ट्रायल तक नहीं दिया, जबकि वह नेशनल तक खेल आए।
जब ट्रायल नहीं हुआ, तो चयन प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक
खिलाड़ियों का आरोप है कि उन्हें बाद में पता चला कि टीम भेजी जा चुकी है। कई खिलाड़ी खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाने से भविष्य में उनके अवसर प्रभावित हो सकते हैं। जिला पावरलिफ्टिंग संघ के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें न तो ट्रायल और न ही टीम गठन की जानकारी दी गई। प्रतियोगिता के संबंध में भी उन्हें नहीं बताया गया। जब ट्रायल नहीं हुआ, तो चयन प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है। खिलाड़ियों को प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलना चाहिए।
बिना ट्रायल दिए ही शामिल हुए अशोक मौर्या
ट्रायल के बाद आठ सितंबर को उत्तर प्रदेश पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव राहुल कुमार शुक्ला की ओर से जारी लिस्ट में अशोक मौर्या शामिल भी नहीं थे जबकि दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में उनको स्थान दिया गया। इसको लेकर अन्य खिलाड़ियों में विरोध है। उनका कहना है कि जब ट्रायल नहीं दिया तो उन्हें टीम में किस हक से शामिल किया गया।
अशोक मौर्या ट्रायल में आने में असमर्थ थे लेकिन जयपुर में हुई पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन किया गया है। -राहुल कुमार शुक्ला, सचिव उप्र पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन
चयन प्रक्रिया पर पहले भी उठे सवाल
- वर्ष 2026 में सीएसजेएमयू में खेलो इंडिया प्रोग्राम के तहत फुटबॉल टीम के चयन को लेकर खिलाड़ियों ने भेदभाव और अनियमितता के आरोप लगाए थे। स्थानीय फुटबॉल खिलाड़ियों ने आरोप लगाया था कि उन्हें मुख्य चयन प्रक्रिया से बाहर कर बाहरी खिलाड़ियों को टीम में जगह दी गई।
- वर्ष 2021 के अंत में एजीएम बैठक से ठीक पहले जल्दबाजी में प्रदेश की रणजी टीम की घोषणा कर दी थी। इस मामले में सबसे बड़ा विवाद यह था कि टीम के खिलाड़ियों का कोई औपचारिक चयन ट्रायल नहीं कराया गया था।