Kanpur Honey Trap: गिरोह में हैं एक दर्जन से अधिक लोग, दो साल में सौ से अधिक ठगी, ऐसे ट्रांसफर करते थे रकम
क्राइम ब्रांच ने 29 लाख की ठगी की वारदात का राजफाश किया था, जिसमें दो आरोपियों को जेल भेजा था। वहीं, जांच में सामने आया है कि गिरोह में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं। इनमें से चार आरोपियों के नाम और सामने आए हैं।
विस्तार
कानपुर में हनीट्रैप में फंसाकर 29 लाख रुपये की वसूली करने की घटना में क्राइम ब्रांच की जांच में अहम खुलासा हुआ है। गिरोह के चार अन्य सदस्य भी ठगी में शामिल थे। वे दूसरे केस में हरियाणा के जींद जिले की जेल में बंद थे। हाल में जमानत पर छूटे हैं और अब फरार हैं। क्राइम ब्रांच ने भी उनकी तलाश शुरू कर दी है।
गोविंदनगर निवासी कारोबारी को युवती ने जाल में फंसाकर वीडियो कॉल पर बात की थी। इसी दौरान उनके चार अश्लील वीडियो बना लिए थे। डेढ़ साल बाद पुलिस ने सोमवार को हरियाणा के झज्जर निवासी अशोक कुमार व मथुरा के भगवत प्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
एसीपी साइबर क्राइम बृजनारायण सिंह ने बताया कि इसी तरह की घटना में अशोक व उसके चार अन्य साथी हरियाणा में पहले गिरफ्तार हुए थे। पांचों जेल गए थे। बाद में इन सभी ने शहर के कारोबारी को निशाना बनाया। एसीपी के मुताबिक अशोक तो पकड़ में आ गया, लेकिन उसके चारों साथी फरार हैं।
दो साल में सौ से अधिक ठगी
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह करीब दो वर्षों से साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। किसी को ब्लैकमेल करके, तो किसी के खाते का विवरण व ओटीपी हासिल कर रकम पार करते थे। इस तरह से करोड़ों रुपये पार किए। चूंकि आरोपी फेक आईडी के सिमों का इस्तेमाल करते थे। इसलिए इनको ट्रेस करना पुलिस के लिए मुश्किल होता था।
रकम आते ही अलग-अलग खातों में करते थे ट्रांसफर
आरोपी जब ठगी करते थे तो रकम को कई अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे। एटीएम से रकम निकाल लेते थे। इसलिए रिकवरी नहीं हुई। जो खाते इस्तेमाल करते थे, वे फेक आईडी पर होते थे। किसी मजदूर, रिक्शा चालक आदि के खाते किराये पर भी लेते थे।
सावधानी बरतें, शिकार होने से बचें
- सोशल मीडिया पर किसी अनजान शख्स से दोस्ती न करें।
- अनजान शख्स अगर वीडियो कॉल के लिए आमंत्रित करें तो सतर्क हो जाएं।
- किसी तरह की लॉटरी, डिस्काउंट के फेर में पड़कर खाते की जानकारी साझा न करें।
- फोन पर कभी भी किसी शख्स को बैंक खाते संबंधी जानकारी न दें।
- अनजान ई-मेल का रिस्पांस न दें, अनजान लिंक पर भी क्लिक न करें।
- अगर ठगी हो, तो जल्द से जल्द 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।