Hair Transplant: इंपायर क्लीनिक का लाइसेंस निरस्त, दो साल से नहीं कराया था नवीनीकरण, इसलिए करना पड़ेगा इंतजार
Kanpur News: विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्लीनिक संचालक डॉ. सौरभ त्रिपाठी ने नवीनीकरण के लिए दूसरी बार आवेदन ही नहीं किया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अवैध रूप से चल रही इंपायर क्लीनिक पर दो साल कोई कार्रवाई नहीं की।
विस्तार
कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट के बाद हुई दो इंजीनियरों की मौत से चर्चा में आए केशवपुरम के इंपायर क्लीनिक का लाइसेंस निरस्त हो गया है। अब इसका नवीनीकरण भी नहीं किया जाएगा। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि लाइसेंस के लिए नए सिरे से आवेदन करना पड़ेगा। जब तक कोर्ट केस चल रहा है, तब तक आवेदन भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बुधवार को पुलिस की जांच में इंपायर क्लीनिक में हेयर ट्रांसप्लांट किए जाने के साक्ष्य मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग लाइसेंस निरस्त होने की बात कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह सवाल पैदा हो गया है कि दो साल से लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ, तो क्लीनिक चल कैसे रहा था? सीएमओ ने बताया कि क्लीनिक का दो साल से नवीनीकरण नहीं हुआ।
कोर्ट का निर्णय आने के बाद कोई कार्रवाई होगी
इसके चलते लाइसेंस खुद ही निरस्त हो गया है। क्लीनिक का लाइसेंस बीडीएस डिग्री पर दिया गया, इसमें हेयर ट्रांसप्लांट जैसी प्रक्रिया करने का इजाजत नहीं है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। कोर्ट का निर्णय आने के बाद कोई कार्रवाई की जाएगी। बिना लाइसेंस क्लीनिक संचालन की बात पर उन्होंने कहा कि इसे देखा जाना चाहिए था।
नवीनीकरण के लिए दूसरी बार आवेदन ही नहीं किया
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्लीनिक संचालक डॉ. सौरभ त्रिपाठी ने नवीनीकरण के लिए दूसरी बार आवेदन ही नहीं किया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अवैध रूप से चल रही इंपायर क्लीनिक पर दो साल कोई कार्रवाई नहीं की। लाइसेंस का नवीनीकरण न होने पर इसकी जांच कर बंद नहीं कराया। इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।