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Kanpur: चार साल के शाेध से टीबी रोगियों की बचाई आंख की रोशनी, अंतरराष्ट्रीय जर्नल में GSVM का शोध प्रकाशित

Tue, 12 Aug 2025 02:32 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 12 Aug 2025 02:32 PM IST
सार

Kanpur News: शोध की अहमियत को देखते हुए कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. खान को दिल्ली में होने वाली रेटिना फोरम की काॅन्फ्रेंस में इसे प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। भारत में टीबी का संक्रमण चिंता का विषय है। डायबिटीज व एड्स जैसे रोगों के साथ मिल कर यह विकराल रूप ले लेती है।

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Kanpur Four years of research saved eyesight of TB patients GSVM research published in international journal
डॉ. परवेज खान व अन्य - फोटो : amar ujala

विस्तार

टीबी रोगियों की आंखों की रोशनी बचाने का नुस्खा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग ने खोजा है। टीबी की रोकथाम में प्रयुक्त होने वाली कारगर दवा एथम्ब्यूटोल आंखों के लिए हानिकारक है। लंबे समय तक प्रयोग से एथम्ब्यूटोल आंखों की नसों (ऑप्टिक नर्व) से कॉपर और जिंक खींच लेती है और नसों की माइटोकोंड्रिया को नुकसान पहुंचाती है। इससे बहुत से रोगियों की दृष्टि चली जाती है। अभी तक इसका कोई कारगर इलाज नहीं रहा।

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जीएसवीएम मेडिकल काॅलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने चार वर्ष के शोध के बाद इसका उपचार खोजा है। शोध में रोगियों को सिलोसटाजोल, पेंटोक्सीफाइलिन और विटामिन बी-12 दिया गया जिसके बाद रोगियों की दृष्टि में सुधार हुआ। इसे वीईपी टेस्ट से प्रमाणित किया गया। डॉ. खान ने कहा कि प्राचार्य डॉ. काला के कुशल नेतृत्व एवं रिसर्च के प्रोत्साहन के कारण यह शोध संभव हुआ।

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साइड इफेक्ट्स के कारण होती हैं गंभीर समस्याएं
मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि यह शोध यूरोपियन सोसाइटी ऑफ मेडिसिन के अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध की अहमियत को देखते हुए कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. खान को दिल्ली में होने वाली रेटिना फोरम की काॅन्फ्रेंस में इसे प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। भारत में टीबी का संक्रमण चिंता का विषय है। डायबिटीज व एड्स जैसे रोगों के साथ मिल कर यह विकराल रूप ले लेती है। टीबी के इलाज में प्रयोग होने वाली दवाएं अपने साइड इफेक्ट्स के कारण गंभीर समस्याएं उत्पन्न करती हैं।

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