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कानपुर: कबाड़ गोदाम में आग, चपेट में आई नौ झोपड़ियां भी राख, सूचना देने के बाद भी समय पर नहीं पहुंची दमकल
Sun, 12 Dec 2021 01:36 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 12 Dec 2021 01:36 AM IST
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कानपुर: आग से कबाड़ मार्केट हुई तबाह
- फोटो : amar ujala
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कानपुर में नौबस्ता के मछरिया में शनिवार देररात कबाड़ गोदाम में संदिग्ध हालात में आग लग गई। तेज उठती लपटों ने पास स्थित तीन अन्य कबाड़ के गोदामों और नौ झोपड़ियों को भी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों में परिवार समेत सो रहे लोगों में चीखपुकार मच गई। लोगों ने फायर ब्रिगेड के कंट्रोल रूम पर कई सूचनाएं दीं।
इसके बाद भी दमकल समय पर नहीं पहुंची। इलाके में बाबा मेराज की मजार में मेला लगा था। मजार से कुछ दूरी पर छोटे गुप्ता, शारिक शेख, मोहम्मद हाजी और सचिन का कबाड़ का गोदाम है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छोटे के गोदाम में अचानक आग की लपटें उठती नजर आईं।
लपटें देख देररात मेले में घूम रहे लोगों ने भागकर गोदाम के पास स्थित झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को उठाया। लोग अपनी गृहस्थी का सामान लेकर बाहर भागे। कुछ लोगों ने बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान आग ने पास स्थित तीनों कबाड़ गोदामों को भी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते अरुण मौर्या के प्लॉट में बसीं नौ झोपड़ियां भी जलकर राख हो गईं।
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लोगों के अनुसार छोटे की दुकान में रखा छोटा सिलिंडर भी फटा था। पीड़ितों का आरोप है कि सूचना के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, तब तक सभी की गृहस्थी जल चुकी थी। हालांकि, बाद में मीरपुर, फजलगंज और लाटूश रोड फायर स्टेशन से पहुंचीं तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
सर्दी में इनके सिर से छिनी छत
झोपड़ियों में रहने वाले असम निवासी अब्दुल सबूर, सफ्दर अली, नूर हुसैन, मुहिदुल, रुबसान अली, सरडी, समशुल आलम, मोइनुल, सुरजू की गृहस्थी राख हो गई। ये सभी कूड़ा बीनते हैं। सभी ठंड के मौसम में सिर छिपाने के लिए लोगों से मदद मांगते रहे।
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इसके बाद भी दमकल समय पर नहीं पहुंची। इलाके में बाबा मेराज की मजार में मेला लगा था। मजार से कुछ दूरी पर छोटे गुप्ता, शारिक शेख, मोहम्मद हाजी और सचिन का कबाड़ का गोदाम है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छोटे के गोदाम में अचानक आग की लपटें उठती नजर आईं।
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लपटें देख देररात मेले में घूम रहे लोगों ने भागकर गोदाम के पास स्थित झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को उठाया। लोग अपनी गृहस्थी का सामान लेकर बाहर भागे। कुछ लोगों ने बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान आग ने पास स्थित तीनों कबाड़ गोदामों को भी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते अरुण मौर्या के प्लॉट में बसीं नौ झोपड़ियां भी जलकर राख हो गईं।
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लोगों के अनुसार छोटे की दुकान में रखा छोटा सिलिंडर भी फटा था। पीड़ितों का आरोप है कि सूचना के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, तब तक सभी की गृहस्थी जल चुकी थी। हालांकि, बाद में मीरपुर, फजलगंज और लाटूश रोड फायर स्टेशन से पहुंचीं तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
सर्दी में इनके सिर से छिनी छत
झोपड़ियों में रहने वाले असम निवासी अब्दुल सबूर, सफ्दर अली, नूर हुसैन, मुहिदुल, रुबसान अली, सरडी, समशुल आलम, मोइनुल, सुरजू की गृहस्थी राख हो गई। ये सभी कूड़ा बीनते हैं। सभी ठंड के मौसम में सिर छिपाने के लिए लोगों से मदद मांगते रहे।