{"_id":"63f1305ee9bea01b290e7713","slug":"kanpur-dehat-former-minister-of-state-ramswaroop-singh-passed-away-three-times-mla-cremated-at-bithoor-ghat-akbarpur-news-knp743602587-2023-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur Dehat : पूर्व राज्यमंत्री रामस्वरूप सिंह का निधन, तीन बार रहे विधायक, बिठूर घाट पर हुआ अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur Dehat : पूर्व राज्यमंत्री रामस्वरूप सिंह का निधन, तीन बार रहे विधायक, बिठूर घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
विज्ञापन
दिवंगत पूर्व विधायक रामस्वरूप सिंह गौर का फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। रूरा कस्बा निवासी पूर्व राज्यमंत्री और तीन बार विधायक रहे राम स्वरूप सिंह गौर का शनिवार को कानपुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह काफी दिनों से बीमार थे। खबर पाकर आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रूरा स्थित आवास पर अंतिम विदाई में लोगों की भीड़ उमड़ी। सपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर शोक जताया।
रूरा निवासी पूर्व राज्यमंत्री रामस्वरूप सिंह गौर मूल रूप से रसूलाबाद के महेरा गांव निवासी थे। वह पहली बार 2002 में सरवनखेड़ा विधानसभा सीट से विधायक बने थे। इसके बाद वह लगातार तीन बार विधायक रहे। रूरा कस्बे का गौरव बढ़ाने वाले राम स्वरूप सिंह गौर को पंचायती राज राज्यमंत्री बनाया गया गया था।
शनिवार सुबह कानपुर के एक निजी अस्पताल में उनके निधन की सूचना पर रूरा स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोग पहुंचने लगे। दोपहर में पार्थिव शरीर पहुंचने पर लोग उमड़ पड़े। अंतिम यात्रा में परिजनों के साथ सत्तादल, सपा और अन्य दलों के नेता शामिल हुए। कानपुर के बिठूर घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री के बड़े भतीजे महेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बड़े मुनुवा के बेटे गौरव उर्फ शेरा ने मुखाग्नि दी। छोटे भतीजे देवप्रताप सिंह के पुत्र सपा नेता नीरज सिंह गौर ने बताया कि वह 87 वर्ष के थे। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व वह घर पर फिसकर गिरने से घायल हो गए थे।
कमर के निचले हिस्से में चोट से व्हील चेयर पर थे। दिल्ली में वेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। कुछ दिन पूर्व ही वह कानपुर आए थे। अचानक हालत खराब होने पर कानपुर के चांदनी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। वहां शनिवार सुबह करीब सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनकी अंतिम यात्रा में राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष अविनाश सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह, वेदव्यास निराला, वीरसेन यादव, निवर्तमान जिलाध्यक्ष सपा प्रमोद यादव, महेंद्र कटियार, सतेंद्र सिंह भदौरिया, भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा, हेमराज सिंह, अनूप सिंह, नरेंद्र पाल मनु आदि मौजूद रहे।
पूर्व राज्यमंत्री की आत्मा की शांति के लिए संदलपुर में शोक सभा हुई। यहां दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मौके पर हर्ष त्रिवेदी, रघुवीर विघार्थी, रामनरेश यादव, कबीरुलहसन, धीरज यादव व हरीओम तिवारी आदि मौजूद रहे।
इस तरह रहा राजनीतिक सफर
रामस्वरूप सिंह गौर ने सोसायटी के चुनाव से राजनीति की शुरुआत की। वह जिला सहकारी बैंक लिमिटेड कानपुर के अध्यक्ष रहे। जिला पंचायत सदस्य भी रहे। पहली बार 1997 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा। वर्ष 2002 में बसपा के टिकट पर सरवनखेड़ा सीट से विधायक रहे। वह कुछ समय के लिए मायावती सरकार में राज्य मंत्री रहे। राजनीतिक उथल-पुथल में उन्होंने बसपा से इस्तीफा दे दिया और सपा में शामिल हो गए। 2007 और 2012 में सपा के टिकट से अकबरपुर-रनियां सीट के विधायक रहे। सपा की सरकार में वह पंचायती राज राज्यमंत्री रहे।
विज्ञापन
रूरा निवासी पूर्व राज्यमंत्री रामस्वरूप सिंह गौर मूल रूप से रसूलाबाद के महेरा गांव निवासी थे। वह पहली बार 2002 में सरवनखेड़ा विधानसभा सीट से विधायक बने थे। इसके बाद वह लगातार तीन बार विधायक रहे। रूरा कस्बे का गौरव बढ़ाने वाले राम स्वरूप सिंह गौर को पंचायती राज राज्यमंत्री बनाया गया गया था।
विज्ञापन
शनिवार सुबह कानपुर के एक निजी अस्पताल में उनके निधन की सूचना पर रूरा स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोग पहुंचने लगे। दोपहर में पार्थिव शरीर पहुंचने पर लोग उमड़ पड़े। अंतिम यात्रा में परिजनों के साथ सत्तादल, सपा और अन्य दलों के नेता शामिल हुए। कानपुर के बिठूर घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री के बड़े भतीजे महेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बड़े मुनुवा के बेटे गौरव उर्फ शेरा ने मुखाग्नि दी। छोटे भतीजे देवप्रताप सिंह के पुत्र सपा नेता नीरज सिंह गौर ने बताया कि वह 87 वर्ष के थे। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व वह घर पर फिसकर गिरने से घायल हो गए थे।
कमर के निचले हिस्से में चोट से व्हील चेयर पर थे। दिल्ली में वेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। कुछ दिन पूर्व ही वह कानपुर आए थे। अचानक हालत खराब होने पर कानपुर के चांदनी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। वहां शनिवार सुबह करीब सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनकी अंतिम यात्रा में राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष अविनाश सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह, वेदव्यास निराला, वीरसेन यादव, निवर्तमान जिलाध्यक्ष सपा प्रमोद यादव, महेंद्र कटियार, सतेंद्र सिंह भदौरिया, भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा, हेमराज सिंह, अनूप सिंह, नरेंद्र पाल मनु आदि मौजूद रहे।
पूर्व राज्यमंत्री की आत्मा की शांति के लिए संदलपुर में शोक सभा हुई। यहां दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मौके पर हर्ष त्रिवेदी, रघुवीर विघार्थी, रामनरेश यादव, कबीरुलहसन, धीरज यादव व हरीओम तिवारी आदि मौजूद रहे।
इस तरह रहा राजनीतिक सफर
रामस्वरूप सिंह गौर ने सोसायटी के चुनाव से राजनीति की शुरुआत की। वह जिला सहकारी बैंक लिमिटेड कानपुर के अध्यक्ष रहे। जिला पंचायत सदस्य भी रहे। पहली बार 1997 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा। वर्ष 2002 में बसपा के टिकट पर सरवनखेड़ा सीट से विधायक रहे। वह कुछ समय के लिए मायावती सरकार में राज्य मंत्री रहे। राजनीतिक उथल-पुथल में उन्होंने बसपा से इस्तीफा दे दिया और सपा में शामिल हो गए। 2007 और 2012 में सपा के टिकट से अकबरपुर-रनियां सीट के विधायक रहे। सपा की सरकार में वह पंचायती राज राज्यमंत्री रहे।