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8.25 लाख जुर्माना देकर संस्था ने अफसरों व कर्मचारियों को गिरफ्तारी से बचाया
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रूरा (कानपुर देहात)। रूरा में रेलवे क्रासिंग के निकट खुदाई में केबिल कटने से सिग्नल में बाधा से ट्रेनें रुकने पर 8.25 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है। अफसरों की गिरफ्तारी के डर से कार्यदाई संस्था ने जुर्माने की राशि जमा कर दी। क्रासिंग पर चल रहे पिलर निर्माण का कार्य अभी चालू नहीं हो सका है। संस्था के अफसरों का कहना है कि गड्ढे में पानी भरने से काम बंद है।
रूरा के निकट पिलर लगाने का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था डीएफसीपीआईएल शुक्रवार को पिलर के लिए गड्ढा खोद रही थी। तभी केबिल कट गई थी। इससे पांच घंटे तक सिग्नल फेल रहा था। इस कारण 15 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ था। इससे रेलवे को काफी नुकसान हुआ था। यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी थी। इसके बाद कर्मचारी भी काम बंद करके चले गए थे। इस मामले में एसएनटी (सिग्नल एंड टेलीग्राफ) के जेई आनंद कुमार ने आरपीएफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 8.25 लाख रुपये का जुर्माना ठोंका था।
जुर्माना राशि जमा न होने पर आरपीएफ ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ गिरफ्तारी आदेश (मेमो) जारी कर दिया था। इसकी भनक लगते ही शनिवार देर शाम कार्यदायी संस्था की तरफ से सीनियर डीएफएम उत्तर मध्य रेलवे के खाते में जुर्माना राशि जमा करा दी गई। इसके बाद रेलवे बोर्ड उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बैठक कर गिरफ्तारी के मेमो को रद्द कर दिया। अब संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी नहीं होगी। इधर, कार्यदायी संस्था से जुड़े मनीष मिश्रा का कहना है कि रेलवे के सिग्नल एंड टेलीग्राफ विभाग की अनुमति के बाद ही पिलर निर्माण के लिए गड्ढा खुदवाया जा रहा था । केबिल कटने के बाद निर्माण कार्य बंद हो गया है। गड्ढे का पानी सूखने पर फिर काम शुरू होगा।
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रूरा के निकट पिलर लगाने का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था डीएफसीपीआईएल शुक्रवार को पिलर के लिए गड्ढा खोद रही थी। तभी केबिल कट गई थी। इससे पांच घंटे तक सिग्नल फेल रहा था। इस कारण 15 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ था। इससे रेलवे को काफी नुकसान हुआ था। यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी थी। इसके बाद कर्मचारी भी काम बंद करके चले गए थे। इस मामले में एसएनटी (सिग्नल एंड टेलीग्राफ) के जेई आनंद कुमार ने आरपीएफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 8.25 लाख रुपये का जुर्माना ठोंका था।
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जुर्माना राशि जमा न होने पर आरपीएफ ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ गिरफ्तारी आदेश (मेमो) जारी कर दिया था। इसकी भनक लगते ही शनिवार देर शाम कार्यदायी संस्था की तरफ से सीनियर डीएफएम उत्तर मध्य रेलवे के खाते में जुर्माना राशि जमा करा दी गई। इसके बाद रेलवे बोर्ड उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बैठक कर गिरफ्तारी के मेमो को रद्द कर दिया। अब संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी नहीं होगी। इधर, कार्यदायी संस्था से जुड़े मनीष मिश्रा का कहना है कि रेलवे के सिग्नल एंड टेलीग्राफ विभाग की अनुमति के बाद ही पिलर निर्माण के लिए गड्ढा खुदवाया जा रहा था । केबिल कटने के बाद निर्माण कार्य बंद हो गया है। गड्ढे का पानी सूखने पर फिर काम शुरू होगा।
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