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कानपुर: ईश्वरीगंज में स्वच्छता की खुली पोल, गलियों में भरा सीवर का गंदा पानी, बदबू और कीचड़ से निकलना दूभर
Thu, 17 Sep 2026 11:53 AM IST
Himanshu Awasthi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Himanshu Awasthi
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:53 AM IST
सार
Kanpur News: कल्याणपुर ब्लॉक स्थित ईश्वरीगंज गांव से 15 सितंबर 2017 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूरे देश में स्वच्छता ही सेवा अभियान की ऐतिहासिक शुरुआत की थी। आज वही गांव सरकारी सिस्टम की उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। गांव की मुख्य गलियों में सीवर और नालियों का गंदा पानी सरेराह बह रहा है।
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गांव की गलियों में भरा सीवर का पानी
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में कल्याणपुर ब्लॉक अंतर्गत आने वाला ईश्वरीगंज गांव, जिसकी पहचान देश के नक्शे पर स्वच्छता के प्रतीक के रूप में हुई थी। आज खुद सीवर और गंदगी के दलदल में डूब चुका है। उल्लेखनीय है कि 15 सितंबर 2017 को देश के तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसी ईश्वरीगंज गांव में एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान पूरे देश के लिए स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुभारंभ किया था।
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उस दौरान गांव को आदर्श गांव की तरह सजाया-संवारा गया था, लेकिन वीआईपी दौर खत्म होते ही जिम्मेदार अधिकारियों ने इस गांव को अपने हाल पर छोड़ दिया। वर्तमान में ईश्वरीगंज गांव की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि गलियों में सीवर का काला और बदबूदार पानी लबालब भरा हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव की अधिकांश नालियां पूरी तरह से टूट चुकी हैं और लंबे समय से सफाई न होने के कारण चोक पड़ी हैं।
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सफाईकर्मी पर लापरवाही के आरोप
गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर ईश्वरीगंज के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने क्षेत्र में तैनात सफाईकर्मी और पंचायत प्रशासन को लापरवाह बताया। लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद सफाईकर्मी महीनों तक गांव का रुख नहीं करता। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नालियों की मरम्मत और सीवर निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे ब्लॉक मुख्यालय का घेराव करेंगे।