{"_id":"61a628ee4e32372c82634a6b","slug":"kanpur-by-bariatric-technique-the-stomach-was-reduced-by-80-percent","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: बेरियाट्रिक तकनीक से अमाशय 80 फीसदी किया छोटा, किशोरी के एसिड पीने से अमाशय के अलावा जल गए थे दूसरे अंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: बेरियाट्रिक तकनीक से अमाशय 80 फीसदी किया छोटा, किशोरी के एसिड पीने से अमाशय के अलावा जल गए थे दूसरे अंग
Tue, 30 Nov 2021 07:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 30 Nov 2021 07:07 PM IST
विज्ञापन
कानपुर हैलट
- फोटो : amar ujala
कानपुर हैलट के सर्जरी विभाग में बेरियाट्रिक सर्जरी से एसिड पीने से जले अमाशय को 80 फीसदी छोटा करके दुरुस्त कर दिया गया। लड़की ने गुस्से में पेट भर एसिड पी लिया था। इससे उसका अमाशय, अग्नाशय और आसपास के दूसरे अंग जल गए थे।
हैलट के डॉक्टरों ने उसका खाने की नली, अग्नाशय और दूसरे जले अंग बचाने के साथ ही उसका अमाशय भी बचा लिया। सर्जरी के बाद रोगी की स्थिति में सुधार हो रहा है। हैलट में अपनी तरह का यह अनोखा मामला है। डॉक्टरों के मुताबिक उन्नाव की रहने वाली दो बहनों में किसी बात पर झगड़ा हुआ।
इसी बीच उसका भाई आया, उसने छोटी बहन को डांट दिया। इससे नाराज होकर 16 साल की लड़की ने टॉयलेट में इस्तेमाल होने वाले एसिड की पूरी बोतल पी ली। एसिड से पहले उसके खाने की नली जली, फिर अमाशय जल गया। एसिड इतना तेज था कि अमाशय में छेद हो गया और असर दूसरे अंग में चला गया।
विज्ञापन
रोगी को पहले बालरोग अस्पताल में भर्ती किया गया। हालत बिगड़ी तो सर्जरी विभाग भेजा गया। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जीडी यादव की अगुवाई में डॉक्टरों ने बेरियाट्रिक तकनीक से सर्जरी की। अमूमन इस तकनीक से मोटापे का इलाज होता है। इसमें अमाशय छोटा किया जाता है। डॉ. यादव ने बताया कि अमाशय में दो इंच छेद हो गया था। उसकी बीपी गिर रहा था और तेज दर्द था। इस तरह की यह पहली सर्जरी है।
विज्ञापन
हैलट के डॉक्टरों ने उसका खाने की नली, अग्नाशय और दूसरे जले अंग बचाने के साथ ही उसका अमाशय भी बचा लिया। सर्जरी के बाद रोगी की स्थिति में सुधार हो रहा है। हैलट में अपनी तरह का यह अनोखा मामला है। डॉक्टरों के मुताबिक उन्नाव की रहने वाली दो बहनों में किसी बात पर झगड़ा हुआ।
विज्ञापन
इसी बीच उसका भाई आया, उसने छोटी बहन को डांट दिया। इससे नाराज होकर 16 साल की लड़की ने टॉयलेट में इस्तेमाल होने वाले एसिड की पूरी बोतल पी ली। एसिड से पहले उसके खाने की नली जली, फिर अमाशय जल गया। एसिड इतना तेज था कि अमाशय में छेद हो गया और असर दूसरे अंग में चला गया।
विज्ञापन
रोगी को पहले बालरोग अस्पताल में भर्ती किया गया। हालत बिगड़ी तो सर्जरी विभाग भेजा गया। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जीडी यादव की अगुवाई में डॉक्टरों ने बेरियाट्रिक तकनीक से सर्जरी की। अमूमन इस तकनीक से मोटापे का इलाज होता है। इसमें अमाशय छोटा किया जाता है। डॉ. यादव ने बताया कि अमाशय में दो इंच छेद हो गया था। उसकी बीपी गिर रहा था और तेज दर्द था। इस तरह की यह पहली सर्जरी है।