{"_id":"626840e1002d9a43116b54a0","slug":"kanpur-bail-of-those-who-attacked-kda-team-rejected","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: केडीए टीम पर हमला करने वालों की जमानत खारिज, पढ़ें पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: केडीए टीम पर हमला करने वालों की जमानत खारिज, पढ़ें पूरा मामला
Wed, 27 Apr 2022 12:30 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 27 Apr 2022 12:30 AM IST
सार
बिनगवां में अर्बन सीलिंग की जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग करने के मामले की जांच के लिए एसडीएम सदर अनुराज जैन की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने मंगलवार से जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर के बिनगवां में सरकारी जमीन खाली कराने गई केडीए टीम व लेखपाल पर हमला बोलने वाले नौबस्ता के सागरपुरी निवासी बीएसीएल कंपनी के कर्मचारी राकेश कुमार प्रजापति की जमानत अर्जी अपर जिला जज 14 अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने खारिज कर दी है।
एडीजीसी विनोद त्रिपाठी ने बताया कि बिनगवां के लेखपाल सुजीत कुमार कुशवाहा ने 11 अप्रैल को बिधनू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बीएसीएल कंपनी के निदेशक सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण करा रहे थे। सूचना पर अमीन व लेखपाल केडीए टीम के साथ निर्माण रुकवाने पहुंचे तो कंपनी के कर्मचारियों प्रदीप, राकेश प्रजापति, गौरव शुक्ला आदि ने क्षेत्रीय महिलाओं संग मिलकर ईंट-पत्थर व हथियारों से हमला बोल दिया था। सरकारी कागजात फाड़ दिए थे। लेखपाल का सिर फट गया था और गंभीर चोटें आई थीं। राकेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
30 लोगों ने जांच कमेटी को सौंपे दस्तावेज
बिनगवां में अर्बन सीलिंग की जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग करने के मामले की जांच के लिए एसडीएम सदर अनुराज जैन की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने मंगलवार से जांच शुरू कर दी। मंगलवार को कमेटी को 30 लोगों ने रजिस्ट्री और दाखिल खारिज के दस्तावेज सौंपे। कमेटी ने इनका अध्ययन शुरू कर दिया है। देखा जा रहा है कि कितने में रजिस्ट्रियां की गईं और सरकारी जमीन पर दाखिल खारिज अगर हुआ है तो कैसे हुआ।
विज्ञापन
कमेटी बुधवार को भी कब्जे की जमीन में बसे लोगों का पक्ष सुनेगी। गुरुवार से विस्तृत जांच शुरू करेगी। अनुराज जैन ने कहा कि चूंकि काफी लोगों को बीएसीएल कंपनी ने रजिस्ट्री कर जमीनें बेच दी थी। ऐसे में आंकड़ा जुटाया जा रहा कि इस तरह से उसने कितना धन अर्जित किया। बता दें बिनगवां में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर कंपनी ने सैकड़ों लोगोें को जमीन बेच दी थी। इनमें से कई कब्जे केडीए और जिला प्रशासन ने ढहा दिए हैं।
विज्ञापन
एडीजीसी विनोद त्रिपाठी ने बताया कि बिनगवां के लेखपाल सुजीत कुमार कुशवाहा ने 11 अप्रैल को बिधनू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बीएसीएल कंपनी के निदेशक सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण करा रहे थे। सूचना पर अमीन व लेखपाल केडीए टीम के साथ निर्माण रुकवाने पहुंचे तो कंपनी के कर्मचारियों प्रदीप, राकेश प्रजापति, गौरव शुक्ला आदि ने क्षेत्रीय महिलाओं संग मिलकर ईंट-पत्थर व हथियारों से हमला बोल दिया था। सरकारी कागजात फाड़ दिए थे। लेखपाल का सिर फट गया था और गंभीर चोटें आई थीं। राकेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
विज्ञापन
30 लोगों ने जांच कमेटी को सौंपे दस्तावेज
बिनगवां में अर्बन सीलिंग की जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग करने के मामले की जांच के लिए एसडीएम सदर अनुराज जैन की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने मंगलवार से जांच शुरू कर दी। मंगलवार को कमेटी को 30 लोगों ने रजिस्ट्री और दाखिल खारिज के दस्तावेज सौंपे। कमेटी ने इनका अध्ययन शुरू कर दिया है। देखा जा रहा है कि कितने में रजिस्ट्रियां की गईं और सरकारी जमीन पर दाखिल खारिज अगर हुआ है तो कैसे हुआ।
विज्ञापन
कमेटी बुधवार को भी कब्जे की जमीन में बसे लोगों का पक्ष सुनेगी। गुरुवार से विस्तृत जांच शुरू करेगी। अनुराज जैन ने कहा कि चूंकि काफी लोगों को बीएसीएल कंपनी ने रजिस्ट्री कर जमीनें बेच दी थी। ऐसे में आंकड़ा जुटाया जा रहा कि इस तरह से उसने कितना धन अर्जित किया। बता दें बिनगवां में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर कंपनी ने सैकड़ों लोगोें को जमीन बेच दी थी। इनमें से कई कब्जे केडीए और जिला प्रशासन ने ढहा दिए हैं।