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डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में ‘108 समाजवादी एंबुलेंस’ सेवा बेहाल
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 08 Nov 2016 12:20 AM IST
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कमिश्नर ने नाराजगी जताई
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में 108 सरकारी एंबुलेंस सेवा बेहाल है। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई है। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को कहा है।
कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने सोमवार कैंप कार्यालय में मंडलीय विकास कार्यों की समीक्षा की। छह जिलों के जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की मौजूदगी में कमिश्नर के तेवर तल्ख दिखे। कमिश्नर ने कहा कि गांवों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के मामले में कानपुर देहात और फर्रुखाबाद फिसड्डी है। क्रमश: 18 और 29 गांव ही खुले में शौच से मुक्त हो सके हैं। अब जिलाधिकारी गांवों में जाएं और प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएं। कन्नौज के 178, कानपुर नगर के 54, इटावा के 39 और औरैया के 38 गांव खुले में शौच से मुक्ति पा चुके हैं। कमिश्नर ने कहा कि विकास कार्यों के लिहाज से कानपुर मंडल को यूपी में पहले पायदान पर लाना है। यह चुनौती हर जिले की है। अब जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी गांवों में जाकर निर्माण, विकास कार्य तेज कराएं। ज्यादातर काम दिसंबर 2016 तक पूरे होने हैं। डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के इलाज में सतर्कता, सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कमिश्नर ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए 105 करोड़ रुपये की धनराशि बांटी जा चुकी है। अब सारा ध्यान फसलों का बीमा कराने पर होना चाहिए। कमिश्नर ने 10 रुपये में मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया। साथ ही कहा कि सोलर लाइट का दायरा बढ़ाया जाए।
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कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने सोमवार कैंप कार्यालय में मंडलीय विकास कार्यों की समीक्षा की। छह जिलों के जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की मौजूदगी में कमिश्नर के तेवर तल्ख दिखे। कमिश्नर ने कहा कि गांवों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के मामले में कानपुर देहात और फर्रुखाबाद फिसड्डी है। क्रमश: 18 और 29 गांव ही खुले में शौच से मुक्त हो सके हैं। अब जिलाधिकारी गांवों में जाएं और प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएं। कन्नौज के 178, कानपुर नगर के 54, इटावा के 39 और औरैया के 38 गांव खुले में शौच से मुक्ति पा चुके हैं। कमिश्नर ने कहा कि विकास कार्यों के लिहाज से कानपुर मंडल को यूपी में पहले पायदान पर लाना है। यह चुनौती हर जिले की है। अब जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी गांवों में जाकर निर्माण, विकास कार्य तेज कराएं। ज्यादातर काम दिसंबर 2016 तक पूरे होने हैं। डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के इलाज में सतर्कता, सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कमिश्नर ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए 105 करोड़ रुपये की धनराशि बांटी जा चुकी है। अब सारा ध्यान फसलों का बीमा कराने पर होना चाहिए। कमिश्नर ने 10 रुपये में मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया। साथ ही कहा कि सोलर लाइट का दायरा बढ़ाया जाए।
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