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ज्योति हत्याकांड: हाईकोर्ट से जमानत, छह साल बाद पीयूष जेल से रिहा
Sun, 22 Nov 2020 04:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 22 Nov 2020 04:29 PM IST
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ज्योति हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में मुख्य आरोपी ज्योति का पति पीयूष श्यामदासानी छह साल बाद जेल से बाहर आ गया। हाईकोर्ट से पीयूष को जमानत मिल गई है। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ ज्योति के पिता की ओर से सुप्रीमकोर्ट में अर्जी दी गई थी लेकिन वह नामंजूर हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले के तीन माह में निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
पीयूष के खिलाफ पत्नी की हत्या और कूटरचित दस्तावेज से मोबाइल सिम खरीदने के मामले में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। दोनों मुकदमों में पिछले माह हाईकोर्ट से पीयूष को जमानत मिल गई। हत्या के मुकदमे में पीयूष की ओर से तीसरी जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। इसमें पीयूष के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया था कि पीयूष का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
वह लगभग छह साल से जेल में बंद है। उसकी बुजुर्ग मां कई बीमारियों से त्रस्त हैं। अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध किया गया लेकिन कोर्ट ने माना कि हत्या के मुकदमे में अभियोजन की ओर से सभी गवाहों का परीक्षण हो चुका है। अब अभियुक्त के बयान होने हैं। ऐसे में साक्षियों को धमकाने या अभियुक्त के फरार होने की कोई संभावना नहीं है।
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पीयूष के खिलाफ पत्नी की हत्या और कूटरचित दस्तावेज से मोबाइल सिम खरीदने के मामले में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। दोनों मुकदमों में पिछले माह हाईकोर्ट से पीयूष को जमानत मिल गई। हत्या के मुकदमे में पीयूष की ओर से तीसरी जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। इसमें पीयूष के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया था कि पीयूष का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
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वह लगभग छह साल से जेल में बंद है। उसकी बुजुर्ग मां कई बीमारियों से त्रस्त हैं। अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध किया गया लेकिन कोर्ट ने माना कि हत्या के मुकदमे में अभियोजन की ओर से सभी गवाहों का परीक्षण हो चुका है। अब अभियुक्त के बयान होने हैं। ऐसे में साक्षियों को धमकाने या अभियुक्त के फरार होने की कोई संभावना नहीं है।
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अभियुक्त के बयान दर्ज करने के बाद उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने दो जमानतों और निजी बंध पत्र दाखिल करने पर पीयूष को रिहा करने का आदेश दे दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर कोर्ट ने पीयूष के बयान दर्ज कर उसे जमानत पर रिहा कर दिया। रिहाई के बाद शनिवार को अपर जिला जज प्रथम विनोद कुमार सिंह की अदालत में पीयूष पेश हुआ।
विशेष लोक अभियोजक दामोदर मिश्रा ने बताया कि पीयूष की मां, भाई व चाचा के अलावा मनीषा मखीजा के कोर्ट में बयान दर्ज किए गए। मामले में अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। वहीं अधिवक्ता सुरेश सिंह चौहान का कहना है कि जेल में बंद आरोपी अवधेश, सोनू, रेनू व आशीष के बयान पहले ही दर्ज हो चुके हैं।
यह है मामला
27 जुलाई 2014 को बिस्कुट व्यापारी ओमप्रकाश श्यामदासानी की बहू ज्योति श्यामदासानी की हत्या हो गई थी। हत्याकांड में ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी पर कथित प्रेमिका के चक्कर में पत्नी की हत्या करवाने का आरोप लगा है। मामले में मनीषा मखीजा को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब पीयूष को भी जमानत मिल गई। अभी आरोपी अवधेश, रेनू, सोनू और आशीष जेल में बंद हैं।
विशेष लोक अभियोजक दामोदर मिश्रा ने बताया कि पीयूष की मां, भाई व चाचा के अलावा मनीषा मखीजा के कोर्ट में बयान दर्ज किए गए। मामले में अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। वहीं अधिवक्ता सुरेश सिंह चौहान का कहना है कि जेल में बंद आरोपी अवधेश, सोनू, रेनू व आशीष के बयान पहले ही दर्ज हो चुके हैं।
यह है मामला
27 जुलाई 2014 को बिस्कुट व्यापारी ओमप्रकाश श्यामदासानी की बहू ज्योति श्यामदासानी की हत्या हो गई थी। हत्याकांड में ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी पर कथित प्रेमिका के चक्कर में पत्नी की हत्या करवाने का आरोप लगा है। मामले में मनीषा मखीजा को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब पीयूष को भी जमानत मिल गई। अभी आरोपी अवधेश, रेनू, सोनू और आशीष जेल में बंद हैं।