...तो क्या गुजरात लॉयंस और दिल्ली के इस मैच पर भी चल रही थी सट्टेबाजी
-यहीं ठहरी हैं गुजरात लॉयंस और दिल्ली डेयरडेविल्स के टीमें
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कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में गुजरात लायंस और दिल्ली डेयरडेविल्स के बीच चल रहे मैच का सट्टा बुकी उसी लैंडमार्क होटल से लगा रहे थे, जहां दोनों टीमों के खिलाड़ी ठहरे हुए थे।
ऐसे करते थे स्कोर को सेटिंग
जानकारी के मुताबिक देर रात हुई औचक छापामार कार्रवाई में मास्टर माइंड रमेश शाह सहित तीन को पकड़ा गया है। गौरतलब हो ग्रीनपार्क स्टेडियम में कल रात गुजरात लायंस और दिल्ली डेयरडेविल्स के बीच मैच था। दोनों टीमें होटल लैंडमार्क में रुकी थीं। बीसीसीआइ विजीलेंस को होटल में सट्टा चलने की सूचना मिली। इसी लीड पर क्राइम ब्रांच टीम ने देर रात ताबड़तोड़ छापे मारी की। होटल के 17वीं मंजिल पर कमरा नंबर 1733 से दो लोग दबोच लिए गए।
इनमें मुंबई के ठाणे निवासी रमेश शाह से तीन मोबाइल, 40 लाख रुपये नकद और डायरी मिली है। यह मूलत: गुजरात का रहने वाला है। वहीं, इसके साथ पकड़े गए कानपुर देहात के पुखरायां निवासी विकास चौहान से 40 हजार रुपये और दो मोबाइल मिले हैं। तीसरा पकड़ा गया आरोपी चुन्नीगंज निवासी रमेश है। मूलत: बिहार का रमेश ग्रीनपार्क स्टेडियम के मैदान में मजदूरी का काम करता है। बुकी रमेश शाह को वह पिच की जानकारी देता था। पुलिस के मुताबिक, शाह का देश के हर स्टेडियम में नेटवर्क बताया जा रहा है, जहां से उसे पिच का मिजाज बताया जाता है। उसी आधार पर वह सट्टा लगाता है। पुलिस ने कमरा, कॉमन हॉल व सीसीटीवी कंट्रोल रूम सील कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
रमेश ग्रीनपार्क स्टेडियम में ही पिच मेंटेनेंस का काम करते हैं। मास्टर माइंड रमेश शाह ने विकास चौहान और ग्रीनपार्क स्टेडियम के कर्मचारी रमेश के साथ मिलकर सट्टेबाजी का ऐसा तिकड़म रचा कि अच्छे-अच्छे भी गच्चा खा जाएं। दरअसल, रमेश शाह मैच शुरू होने से पहले ही यह पता लगा लेता था कि पिच किस प्रकार की बनी है और टीम का स्कोर कितना बन सकता है। इसी आधार पर सट्टेबाजी शुरू होती थी।
मैच के बीच में भी पिच से करते थे छेड़छाड़
पहली टीम की बल्लेबाजी देखकर अमूमन लोग दूसरी टीम के स्कोर का अनुमान लगाकर सट्टा खलते हैं, जिसमें लोग अंदाजा लगा लेते थे कि इस पिच पर अगली टीम कितना स्कोर खड़ा कर सकती है।
रमेश शाह इसका भी भरपूर फायदा उठाया करता था। वह पिचकर्मी रमेश को कहकर पिच में कुछ खास बदलाव करवाया करता था कि जिससे खेल की गति धीमी हो जाती थी और स्कोर उतना नहीं बन पाता था जितने पर लोग सट्टा खेलते थे।
फिलहाल, यह पता लगाने की कोशिश कि जा रही कि रमेश शाह का सम्पर्क विकास और पिचकर्मी रमेश से कैसे जुड़ा। इस मामले में उनसे पूछताछ जारी है।
तमाम जांच के बाद भी सट्टेबाजी तथा मैच फिक्सिंग को लेकर आइपीएल अभी भी संदेह के घेरे में है। कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में बुधवार को आइपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स और गुजरात लायंस के मैच के दौरान लैंडमार्क होटल से सटोरियों को पकड़ा जाना बेहद सनसनीखेज मामला है।
ऐसा नहीं है कि कानपुर में सट्टेबाजी का यह सनसनीखेज मामला कोई पहली मर्तबा सामने आया है। इससे पहले भी सट्टेबाजी में कानपुर से कई गिरफ्तारियां हो चुकी है।