इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत का मामला: आय से अधिक संपत्ति में सेवानिवृत्त दरोगा पर भ्रष्टाचार का मुकदमा
कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी का सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुआ था। मामले में सेवानिवृत्त दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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विस्तार
अपर पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी के निर्देश पर इंद्रकांत त्रिपाठी के मौत के मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन को सौंपी गई थी। जिसमें वर्ष 2020 में महोबा में तैनात रहे जनपद फतेहपुर के थाना चांदपुर के साल्हेपुर निवासी उप निरीक्षक अच्छेलाल (वर्तमान में सेवानिवृत्त) की आय से अधिक संपत्ति की जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ को सौंपी गई थी। जांच में पाया गया कि उप निरीक्षक ने निर्धारित अवधि में वेतन, एरियर, बोनस और बैंक ब्याज से 58 लाख 97 हजार 578 रुपये अर्जित किए। इस अवधि में 80 लाख 32 हजार 93 रुपये व्यय किए गए। जिससे आय के सापेक्ष 21 लाख 34 हजार 515 रुपये अधिक व्यय की पुष्टि हुई। इस संबंध में उप निरीक्षक कोई जवाब नहीं दे सके।
यह था मामला
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लगी थी और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले की जांच एसआईटी ने की थी। मामले में तत्कालीन एसपी, थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव, व्यापारी सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त भ्रष्टाचार व आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पाए गए थे। जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2020 में जिले में तैनात रहे सभी निरीक्षकों और उप निरीक्षकों की आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही है। वर्तमान में तत्कालीन एसपी, थानाध्यक्ष व सिपाही जेल में हैं।