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बढ़ रहा हेपेटाइटिस बी और सी का खतरा: एक-दूसरे का रेजर, टूथ ब्रश इस्तेमाल न करें, ये जानना आपके लिए बेहद जरूरी
Tue, 27 Jul 2021 09:27 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 27 Jul 2021 09:27 PM IST
सार
95 फीसदी हेपेटाइटिस बी और सी के रोगियों को पता ही नहीं होता कि वे इस बीमारी से संक्रमित हैं। हेपेटाइटिस डी का संक्रमण उस समय ही होता है जब कोई व्यक्ति पहले से हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हो।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सीनियर गैस्ट्रोइंटोलॉजिस्ट डॉ. गौरव चावला ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी रक्त के संक्रमण से फैलता है। लोगों को एक-दूसरे का टूथ ब्रश और दाढ़ी बनाने वाला रेजर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि एक से छह महीने के अंतराल पर हेपेटाइटिस बी के टीके की तीन खुराक लेने पर बीमारी से लड़ने की क्षमता शरीर में विकसित हो जाती है।
नवजात को साल भर के अंदर हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाना जरूरी है। मंगलवार को केएमसी में डॉ. गौरव चावला ने पत्रकारों को बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं को हेपेटाइटिस बी और सी की जांच करा लेनी चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 95 फीसदी हेपेटाइटिस बी और सी के रोगियों को पता ही नहीं होता कि वे इस बीमारी से संक्रमित हैं। हेपेटाइटिस डी का संक्रमण उस समय ही होता है जब कोई व्यक्ति पहले से हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हो। संक्रमण का जल्दी पता चल जाने और उपचार शुरू होने से लिवर डैमेज नहीं हो पाता।
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नवजात को साल भर के अंदर हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाना जरूरी है। मंगलवार को केएमसी में डॉ. गौरव चावला ने पत्रकारों को बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं को हेपेटाइटिस बी और सी की जांच करा लेनी चाहिए।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 95 फीसदी हेपेटाइटिस बी और सी के रोगियों को पता ही नहीं होता कि वे इस बीमारी से संक्रमित हैं। हेपेटाइटिस डी का संक्रमण उस समय ही होता है जब कोई व्यक्ति पहले से हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हो। संक्रमण का जल्दी पता चल जाने और उपचार शुरू होने से लिवर डैमेज नहीं हो पाता।
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