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चार दिनों से रह रहा था मां के शव के साथ, ताबूत में रखकर ले गया मुंबई

Sun, 17 Sep 2017 09:43 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 17 Sep 2017 09:43 AM IST
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he took his mother's dead body to Mumbai
विकास - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के जनरलगंज में मां के शव के साथ चार दिन तक रहने वाला बेटा विकास गोयनका शुक्रवार को उसके शव को ताबूत में रखकर ट्रेन से मुंबई ले गया। उसने पहले ही कहा था कि मुंबई में उनके मृत शरीर में आत्मा डलवाउंगा। वो मरी नहीं है, केवल उसकी आत्मा चली गई है। उनका यहां अंतिम संस्कार नहीं करूंगा।
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घटना की जानकारी लेती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले शुक्रवार दिन भर वह शव को जनरलगंज स्थित घर के नीचे रखे रहा। इस बीच जनरलगंज बाजार बंद रहा। कुछ व्यापारियों ने शव पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

जनरलगंज निवासी विकास गोयनका की मां शांति देवी (82) की मौत हो गई थी। मानसिक रोगी बेटा विकास चार दिन तक मां के शव के साथ रहा था। गुरुवार को बदबू आने पर कलक्टरगंज पुलिस ने विकास के घर का ताला तोड़कर शव निकाला था और पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम के बाद देर रात विकास ने मां का शव रिसीव किया।
 
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घटना के बाद छानबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद वह शव को शव वाहन से अपने घर ले गया। विकास ने शव घर के नीचे ही बर्फ पर रख दिया। बदबू के चलते आसपास के लोगों का सांस लेना दूभर हो रहा था। रात भर विकास अकेले ही मां के शव के पास बैठा रहा। शुक्रवार सुबह बदबू के चलते लोगों ने दुकानें नहीं खोलीं। लोगों ने शव का अंतिम संस्कार करने को कहा लेकिन विकास नहीं माना। बोला, शव मुंबई ले जाएगा।


शुक्रवार दोपहर बाद उसने मां के शव को ताबूत में रखा। मजदूरों की मदद से ताबूत को ई-रिक्शा से सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक तक ले गया। वहां ट्रेन से ताबूत लेकर मुंबई चला गया। विकास का मुंबई के भिवंडी में भी मकान और संपत्ति है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विकास की लाखों रुपये प्रतिमाह आमदनी है। बैंक में जमा धनराशि का एक लाख रुपये प्रतिमाह ब्याज विकास को मिलता है। दुकानों से करीब तीन लाख रुपये की आमदनी है। अविवाहित विकास के यूपी और महाराष्ट्र के कई आला अफसरों से अच्छे संबंध हैं लेकिन वह कैसे मानसिक रोगी हो गया, पता नहीं।
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