Hardoi: आठ साल पहले का नृशंस हत्याकांड, भाई-भतीजे समेत छह को आजीवन कारावास, 15-15 हजार का जुर्माना भी
Hardoi News: सांडी थाना क्षेत्र में आठ साल पहले हुए हत्याकांड में कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाई है। इसमें भाई-भतीजे समेत छह को आजीवन कारावास की सजा मिली है। साथ ही, 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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हरदोई लगभग आठ साल पहले हुई हत्या के मामले में भाई-भतीजे समेत छह लोगों को अपर जिला जज एफटीसी यशपाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्तों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया है। जुर्माना न देने पर अभियुक्तों को एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की आधी रकम मृतक के पुत्र वादी मुकदमा को देने का आदेश भी अपर जिला जज ने दिया है।
सांडी थाना क्षेत्र के बखरिया निवासी राम सिंह ने 22 जून 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 22 जून 2016 की शाम लगभग छह बजे उसके पिता राम सागर (55) खेत से भूसा लेकर घर जा रहे थे। इसी दौरान उसके ताऊ गोवर्धन, उनके पुत्र अनिल कुमार गांव के ही चंद्र प्रकाश किसान उर्फ ठेकेदार व उनके पुत्रों छविराम, ज्ञान सिंह, कमलेश और पृथ्वीराज ने मिलकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से रामसागर पर वार कर दिया।
इसके कारण राम सागर गंभीर रूप से घायल हो गए। पता चलने पर गांव वालों से मदद मांगी, तो आरोपी धमकी देते हुए भाग गए। राम सागर की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना में पुलिस ने विवेचना के बाद गोवर्धन, अनिल, चंद्रप्रकाश और राम सहाय के खिलाफ 24 सितंबर 2016 को आरोप पत्र दाखिल कर दिया था, जबकि पृथ्वीराज, कमलेश और ज्ञान सिंह के खिलाफ 16 जनवरी 2017 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी
छविराम का नाम विवेचना के दौरान निकाल दिया गया था। मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज एफटीसी यशपाल ने गोवर्धन, उसके पुत्र अनिल, कमलेश सिंह, ज्ञान सिंह, पृथ्वीराज और राम सहाय को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान एक आरोपी चंद्र प्रकाश की मौत हो गई थी। अभियुक्तों में गोवर्धन और अनिल पिता पुत्र हैं, जबकि कमलेश सिंह और ज्ञान सिंह भाई हैं।