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हरदोई: तेंदुआ छोड़िए, पदचिह्न भी नहीं खोज पाया वन विभाग, अफवाहें उड़ती रहीं, कर्मचारी दौड़ते रहे

Tue, 20 Jul 2021 04:08 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा आनंद मिश्रा, अमर उजाला, हरदोई
आनंद मिश्रा, अमर उजाला, हरदोई Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 20 Jul 2021 04:08 PM IST
सार

नवाबगंज में विद्युत उपकेंद्र के पिछले हिस्से में स्थित झाड़ियों से तेंदुए ने सीधे सुनील वाजपेयी के मकान की दूसरी मंजिल पर छलांग लगा दी थी। तेंदुए के हमले से सुनील घायल भी हो गए।

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Hardoi: Leave the leopard, the forest department could not even find the footprint
कैमरे में कैद तेंदुआ - फोटो : amar ujala

विस्तार

हरदोई के सांडी कस्बे की घनी आबादी वाले नवाबगंज में रविवार को तेंदुए ने हमला कर एक दुकानदार को घायल कर दिया। दुकानदार के मकान में ही तेंदुआ छिपकर बैठ गया। घटना को लेकर लगभग 14 घंटे तक अफरातफरी रही और इसके बाद भी वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तेंदुआ तो दूर उसके पदचिह्न भी नहीं खोज पाए। सोमवार को अलग-अलग गांवों में वन विभाग की टीमों ने कांबिंग करती रहीं।  
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रविवार दोपहर नवाबगंज में विद्युत उपकेंद्र के पिछले हिस्से में स्थित झाड़ियों से तेंदुए ने सीधे सुनील वाजपेयी के मकान की दूसरी मंजिल पर छलांग लगा दी थी। तेंदुए के हमले से सुनील घायल भी हो गए। तेंदुए का वीडियो भी बन गया और चहलकदमी की पुष्टि भी हो गई। तेंदुए के हमले के साढ़े छह घंटे बाद लखनऊ से विशेष टीम आई और सात घंटे तक सर्च ऑपरेशन भी चला, लेकिन इसके बाद भी तेंदुए का कोई पता नहीं चला।
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वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि तेंदुआ मकान में नहीं है। प्रभागीय वन अधिकारी रवि शंकर शुक्ल के निर्देशन में सोमवार को सुबह लगभग साढ़े नौ बजे से तेंदुए के पदचिह्न खोजने की कवायद शुरू हुई। इस कवायद में हरपालपुर के रेंजर हनुमान प्रसाद के नेतृत्व वाली टीम समेत तीन टीमों को लगाया गया। वन रक्षक भी लगाए गए। इन टीमों ने ग्राम भीखपुर, परसापुर, हूंसेपुर, आदमपुर, भौराजपुर, सखेड़ा, काईमऊ और कुंवरियापुर में भ्रमण किया, लेकिन तेंदुए के पदचिह्न तक टीम को नहीं मिले। 
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अफवाहों के बाजार गर्म, हकीकत तक पहुंचने की कवायद
सुनील वाजपेयी के मकान में तेंदुए के न मिलने के बाद से अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। अलग अलग गांवों से तेंदुआ देखे जाने की सूचनाएं आती रहीं, लेकिन कहीं से भी इनकी पुष्टि नहीं हुई। यहां तक कि उन गांवों के  सामान्य ग्रामीणों ने भी तेंदुए के बारे में कोई सूचना दिए जाने या चहल कदमी की जानकारी होने से इनकार कर दिया। वन विभाग के अधिकारी सोमवार को ग्रामीणों से मिलने वाली सूचनाओं पर गंभीर नजर आए और हकीकत तक पहुंचने की कवायद करते रहे। 

 

डीएफओ ने दिखाई दिलेरी, तो आगे बढ़ा स्टाफ
लखनऊ से वन्य जीव विशेषज्ञ के नेतृत्व में आई टीम भी जब बहुत कुछ नहंीं कर सकी, तो कस्बे के साहसी युवाओं की टोली ने वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ मकान के अंदर जाने की बात कही।  इसके बाद युवा तो अंदर घुस गए, लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों की हिम्मत नहीं पड़ी। यह देख  प्रभागीय वन अधिकारी रवि शंकर शुक्ला खुद आगे बढ़ गए ओर सीढ़ियां चढ़कर सुनील के मकान में कूद गए। इसके बाद पीछे से कुछ वन रक्षक भी मकान में घुस गए, लेकिन कई विभागीय अधिकारी और कर्मचारी इसके बाद भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं दिखा सके।

उधार की रोशनी में चला सर्च अभियान
वन विभाग के पास रविवार को सामने आई आपात स्थिति जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं।  मकान के अंदर तेंदुआ तलाशने के लिए सर्च लाइट तक का इंतजाम नहीं था। रही सही कसर लाइट न आने के कारण पूरी हो गई। अधिकांश स्थानीय लोग अपनी अपनी टॉर्च लेकर मौके पर पहुंचे थे।

इस उधार की रोशनी के बीच सर्च अभियान चल रहा था, तभी सदर के रेंजर रत्नेश श्रीवास्तव अपनी निजी सर्च लाइट लेकर मौके पर पहुंच गए। इसके बाद तेजी से सर्च अभियान चला। इससे इतर वन विभाग के कर्मचारियों के पास न तो बॉडी प्रोटेक्टटर है और न ही ट्रंक्यूलाइजर। कुल मिलाकर गनीमत यह रही कि तेंदुए ने भीड़ की तरफ छलांग नहीं लगाई अन्यथा स्थिति और खराब हो सकती थी।
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