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गोविंदपुरी-दादानगर की राह और सुगम
अ
Updated Sat, 25 Jun 2016 02:14 AM IST
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गोविंदपुरी पुल
- फोटो : amarujala
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गोविंदपुरी पुल से साउथ सिटी आना-जाना अब आसान हो गया है। शुक्रवार को सेतु निगम ने पुल के समानांतर बन रहे पुल पर फजलगंज की तरफ की दूसरी सर्विस लेन भी चालू कर दी है। इससे एक लाख से ज्यादा लोगों को राहत मिलेगी। दरअसल, नए पुल के निर्माण कार्य के चलते फजलगंज स्थित पेट्रोल पंप की ओर से ही वाहनों का आना-जाना था।
इस कारण पुल पर चढ़ने से पहले लोगों को जाम से जूझना पड़ता था। अब दूसरी तरफ की भी सर्विस लेन के चालू होने से गोविंदनगर से फजलगंज आने वालों को आसानी होगी।
दादानगर पुल पर ट्रैफिक हल्का होगा, सर्विस लेन का पैसा स्वीकृत
डीएम ने बताया कि दादानगर पुल के दूसरी तरफ (रफाका नाले की ओर) लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये से सर्विस लेन बनाने के लिए स्वीकृति मिल गई है। इस लेन के बनने से दादा नगर कालोनी और औद्योगिक की तरफ से हैवी वाहन भी विजय नगर की तरफ आएंगे। इससे पुल और इसकी दादा नगर कालोनी की तरफ की सर्विस लेन में जाम नहीं लगेगा।
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अवैध कब्जे हैं राह में रोड़ा
दादा नगर पुल के किनारे रफाका नाले की ओर सर्विस लेन बनने से दादानगर से विजयनगर आने वाला ट्रैफिक हल्का हो सकता है लेकिन दिक्कत यह है कि नाले के किनारे अवैध कब्जे हैं। इनको हटाना जरूरी है वर्ना गाड़ियां निकलने में दिक्कत होगी। कई साल पहले सीटीआई शनि मंदिर से शास्त्री चौक जाने वाली रोड के चौड़ीकरण में भी नाले के किनारे के कब्जे बाधा बने थे लेकिन तत्कालीन अफसरों ने 500 से ज्यादा झोपड़पट्टी हटाकर रोड बनवा दी थी।
रेलवे की अनुमति का इंतजार
सेतु निगम ने दादा नगर में समानांतर पुल निर्माण की एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेने के लिए प्रस्ताव रेलवे को डेढ़ महीने पहले दिया था। विधायक अजय कपूर के अनुसार रेलवे की अनुमति मिलते ही मुख्यमंत्री से इस पुल का शिलान्यास कराया जाएगा।
बिठूर से हरदोई, लखनऊ का सफर आसान
कानपुर। 10 साल बाद शुक्रवार को प्रदेश के सबसे बड़े पुल का तोहफा कानपुर-उन्नाव के लोगों को मिला। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने बिठूर-परियर-चकलवंशी गंगा पुल का औपचारिक लोकार्पण किया। पुल शुरू होने के बाद कानपुर और उन्नाव के बिठूर, परियर, चकलवंशी, पावा, मक्कापुरवा, बंगला, जूड़ापुरवा गांव की बड़ी आबादी को राहत मिली।
पुल कानपुर को संडीला होते हुए हरदोई से भी सीधे जोड़ता है। इसके जरिए शुक्लागंज या जाजमऊ पुल की बजाय लोग बिठूर से सीधे उन्नाव और फिर कानपुर-लखनऊ हाईवे के जरिए लखनऊ भी आ-जा सकेंगे। इस अवसर पर शिवपाल ने कहा कि 2006 में 24 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण शुरू कराया गया। बीच में बसपा सरकार में इसका काम ठप रहा। काम में देरी से गंगा की धारा दूसरी ओर चली गई।
इसके चलते बीच में दूसरा पुल बनाना पड़ा। इससे लागत और लंबाई भी बढ़ गई। यह प्रदेश में सर्वाधिक लंबाई वाला पुल (लगभग दो किलोमीटर) बन गया है। यह पुल गंगा, कल्याणी नदी से गुजरा है। पुल निर्माण पूरा होने की अवधि दिसंबर-2016 निर्धारित थी। निर्धारित समय से सात माह पहले पुल बनकर तैयार हो गया है।
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इस कारण पुल पर चढ़ने से पहले लोगों को जाम से जूझना पड़ता था। अब दूसरी तरफ की भी सर्विस लेन के चालू होने से गोविंदनगर से फजलगंज आने वालों को आसानी होगी।
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दादानगर पुल पर ट्रैफिक हल्का होगा, सर्विस लेन का पैसा स्वीकृत
डीएम ने बताया कि दादानगर पुल के दूसरी तरफ (रफाका नाले की ओर) लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये से सर्विस लेन बनाने के लिए स्वीकृति मिल गई है। इस लेन के बनने से दादा नगर कालोनी और औद्योगिक की तरफ से हैवी वाहन भी विजय नगर की तरफ आएंगे। इससे पुल और इसकी दादा नगर कालोनी की तरफ की सर्विस लेन में जाम नहीं लगेगा।
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अवैध कब्जे हैं राह में रोड़ा
दादा नगर पुल के किनारे रफाका नाले की ओर सर्विस लेन बनने से दादानगर से विजयनगर आने वाला ट्रैफिक हल्का हो सकता है लेकिन दिक्कत यह है कि नाले के किनारे अवैध कब्जे हैं। इनको हटाना जरूरी है वर्ना गाड़ियां निकलने में दिक्कत होगी। कई साल पहले सीटीआई शनि मंदिर से शास्त्री चौक जाने वाली रोड के चौड़ीकरण में भी नाले के किनारे के कब्जे बाधा बने थे लेकिन तत्कालीन अफसरों ने 500 से ज्यादा झोपड़पट्टी हटाकर रोड बनवा दी थी।
रेलवे की अनुमति का इंतजार
सेतु निगम ने दादा नगर में समानांतर पुल निर्माण की एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेने के लिए प्रस्ताव रेलवे को डेढ़ महीने पहले दिया था। विधायक अजय कपूर के अनुसार रेलवे की अनुमति मिलते ही मुख्यमंत्री से इस पुल का शिलान्यास कराया जाएगा।
बिठूर से हरदोई, लखनऊ का सफर आसान
कानपुर। 10 साल बाद शुक्रवार को प्रदेश के सबसे बड़े पुल का तोहफा कानपुर-उन्नाव के लोगों को मिला। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने बिठूर-परियर-चकलवंशी गंगा पुल का औपचारिक लोकार्पण किया। पुल शुरू होने के बाद कानपुर और उन्नाव के बिठूर, परियर, चकलवंशी, पावा, मक्कापुरवा, बंगला, जूड़ापुरवा गांव की बड़ी आबादी को राहत मिली।
पुल कानपुर को संडीला होते हुए हरदोई से भी सीधे जोड़ता है। इसके जरिए शुक्लागंज या जाजमऊ पुल की बजाय लोग बिठूर से सीधे उन्नाव और फिर कानपुर-लखनऊ हाईवे के जरिए लखनऊ भी आ-जा सकेंगे। इस अवसर पर शिवपाल ने कहा कि 2006 में 24 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण शुरू कराया गया। बीच में बसपा सरकार में इसका काम ठप रहा। काम में देरी से गंगा की धारा दूसरी ओर चली गई।
इसके चलते बीच में दूसरा पुल बनाना पड़ा। इससे लागत और लंबाई भी बढ़ गई। यह प्रदेश में सर्वाधिक लंबाई वाला पुल (लगभग दो किलोमीटर) बन गया है। यह पुल गंगा, कल्याणी नदी से गुजरा है। पुल निर्माण पूरा होने की अवधि दिसंबर-2016 निर्धारित थी। निर्धारित समय से सात माह पहले पुल बनकर तैयार हो गया है।