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सरकारों की लड़ाई से गंगा और प्रदूषित
AMARUJALA BEARO
Updated Fri, 27 May 2016 01:18 AM IST
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पंपिंग स्टेशनों का निरीक्षण करते डीएम कौशलराज शर्मा।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। यूपी और केंद्र सरकार के बीच की लड़ाई से गंगा में प्रदूषण और बढ़ता जा रहा है। एक बार फिर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल) ने गंगा के मसले पर बुधवार को होने वाली सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी। अब यह सुनवाई 31 मई को होगी। गुरुवार को होने वाली सुनवाई में एनजीटी को टेनरियों से निकलने वाले कचरे को रोकने के संबंध में फैसला देना था। ट्रिब्युनल ने सुनवाई यह कहते हुए टाल दिया कि केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड से गंगा प्रदूषण को दूर करने के लिए क्या होना चाहिए, यह रिपोर्ट मांगी थी, जिसे बोर्ड ने जमा नहीं किया।
पिछले करीब दो वर्षों से जब से गंगा मंत्रालय का गठन मोदी सरकार ने किया है, तब से करीब एक दर्जन टीमें यहां आकर गंगा के प्रदूषण और उसमें गिरने वाले कचरे की जांच कर चुकी हैं। अभी भी यह जांच चल रही है। जल्द ही एनजीटी की एक और टीम आने वाली है। यह भी बताया जा रहा है, केंद्र सरकार टेनरियों में जेडएलडी (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज) लगवाना चाहती है, इसी वजह से सुनवाई टाली जा रही है। दूसरी तरफ यूपी सरकार इसका विरोध कर रही है। उसका कहना है कि यहां पर ट्रीटमेंट प्लांट ही लगना चाहिए। इससे टेनरियों को भी दिक्कत नहीं होगी, गंगा में प्रदूषण को भी रोका जा सकेगा। इस बीच पता चला है कि गंगा में प्रदूषण विशेष रूप से कानपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ा है, जिसमें कॉलीफार्म, आर्सेनिक, यूरिया जैसे हानिकारक तत्व ज्यादा हैं।
बनियापुर एसटीपी मार्च तक पूरा करेंः डीएम
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने गुरुवार को निर्माणाधीन ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग स्टेशनों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बनियापुर में 19.50 करोड़ की लागत से बन रहे 15 एमएलडी के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का काम मार्च तक पूरा करने को कहा। इस एसटीपी के निर्माण के बाद नवाबगंज और शारदा नगर समेत अन्य क्षेत्रों का वेस्ट वॉटर ट्रीट होकर निकलेगा।
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जिलाधिकारी ने जागेश्वर नाला ओवर फ्लो होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने ज्योरा नाला, पर्निया नाला, नवबागंज पंपिंग स्टेशन का जायजा लिया। ग्वालटोली में सीसामऊ नाला देखकर सफाई कराने को कहा। इसके बाद जिलाधिकारी परमट पंप हाउस पहुंचे। यहां पर तीन पंप हैं। इनमें एक एक्स्ट्रा मोटर खराब मिली। जनरेटर दो माह से खराब चल रहा है। जिलाधिकारी ने जनरेटर ठीक कराने को कहा। गुप्तार घाट पहुंचकर विद्युत शव दाह गृह देखा। बताया गया कि यहां पर केवल लावारिस शव ही पुलिस लाती है। इस मौके पर जल निगम के अफसर मौजूद रहे।जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा नें शहर के पम्पिंग स्टेशनों व नालों का निरीक्षण किया
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पिछले करीब दो वर्षों से जब से गंगा मंत्रालय का गठन मोदी सरकार ने किया है, तब से करीब एक दर्जन टीमें यहां आकर गंगा के प्रदूषण और उसमें गिरने वाले कचरे की जांच कर चुकी हैं। अभी भी यह जांच चल रही है। जल्द ही एनजीटी की एक और टीम आने वाली है। यह भी बताया जा रहा है, केंद्र सरकार टेनरियों में जेडएलडी (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज) लगवाना चाहती है, इसी वजह से सुनवाई टाली जा रही है। दूसरी तरफ यूपी सरकार इसका विरोध कर रही है। उसका कहना है कि यहां पर ट्रीटमेंट प्लांट ही लगना चाहिए। इससे टेनरियों को भी दिक्कत नहीं होगी, गंगा में प्रदूषण को भी रोका जा सकेगा। इस बीच पता चला है कि गंगा में प्रदूषण विशेष रूप से कानपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ा है, जिसमें कॉलीफार्म, आर्सेनिक, यूरिया जैसे हानिकारक तत्व ज्यादा हैं।
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बनियापुर एसटीपी मार्च तक पूरा करेंः डीएम
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने गुरुवार को निर्माणाधीन ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग स्टेशनों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बनियापुर में 19.50 करोड़ की लागत से बन रहे 15 एमएलडी के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का काम मार्च तक पूरा करने को कहा। इस एसटीपी के निर्माण के बाद नवाबगंज और शारदा नगर समेत अन्य क्षेत्रों का वेस्ट वॉटर ट्रीट होकर निकलेगा।
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जिलाधिकारी ने जागेश्वर नाला ओवर फ्लो होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने ज्योरा नाला, पर्निया नाला, नवबागंज पंपिंग स्टेशन का जायजा लिया। ग्वालटोली में सीसामऊ नाला देखकर सफाई कराने को कहा। इसके बाद जिलाधिकारी परमट पंप हाउस पहुंचे। यहां पर तीन पंप हैं। इनमें एक एक्स्ट्रा मोटर खराब मिली। जनरेटर दो माह से खराब चल रहा है। जिलाधिकारी ने जनरेटर ठीक कराने को कहा। गुप्तार घाट पहुंचकर विद्युत शव दाह गृह देखा। बताया गया कि यहां पर केवल लावारिस शव ही पुलिस लाती है। इस मौके पर जल निगम के अफसर मौजूद रहे।जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा नें शहर के पम्पिंग स्टेशनों व नालों का निरीक्षण किया