सास-ससुर करते थे दहेज के लिए परेशान फिर एक दिन बहू को जलाकर मार ही डाला, पति दोषमुक्त
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बहू की हत्या में दोषी करार दिए गए सास और ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। घटना के चार साल बाद मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश हर्षवर्धन ने पति को दोषमुक्त करते हुए सजा का एलान किया। कोर्ट ने दोनों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
फर्रुखाबाद कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के हमीरपुर लाल बाग निवासी नसीम खां ने बेटी हुमा की शादी गांव के अहसन के साथ अप्रैल 2014 में की थी। शादी के बाद से सास-ससुर दहेज में बाइक व सोने की चेन की मांग कर प्रताड़ित करने लगे। मांग पूरी न होने पर 18 नवंबर 2014 को हुमा पर केरोसिन डाल आग लगा दी थी। गंभीर रूप से झुलसी हुमा की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृत्यु से पहले मजिस्ट्रेट ने उसके कलमबंद बयान दर्ज किए थे। हुमा ने सास-ससुर पर हत्या करने का आरोप लगाया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वर कुमारी शाक्य, हरिनाथ सिंह ने बताया कि हुमा का पति घटना के वक्त घर पर नहीं था। हुमा ने पति पर प्रताड़ित करने के आरोप भी नहीं लगाए थे। हुमा के पिता नसीम खां की तहरीर पर पुलिस ने पति अहसन, ससुर वहीद व सास अनीसा बेगम के रिपोर्ट दर्ज की थी।