यहां शाम ढलते ही शुरू होता है अवैध खनन, धांय-धांय बरसने लगती हैं गोलियां
रामपुरा थाना के बिलौंड में हो रहा मौरंग खनन
पुलिस मामले को दबाने में जुटी, लोगों में दहशत
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जालौन में मौरंग माफिया कोर्ट की रोक के बावजूद धड़ल्ले से मौरंग खनन कर रहे हैं। शुक्रवार को रामपुरा थाना क्षेत्र में पहुज नदी पर माफिया बिलौड गांव के पास रात में खनन कर एमपी से लेकर इटावा तक मौरंग ऊंचे रेट में बेंच रहे हैं। इसी पर रोजाना रात को पूर्व प्रधान और दबंग में गैंगवार छिड़ जाती है। इससे ग्रामीणाें में दहशत फैली है। गांव वालों का कहना है कि रोज रात दोनों गैंग में ताबड़तोड़ गोलियां चलती है। पुलिस को सूचना दी जाती है। इसके बाद भी कोई दबिश देने नहीं पहुंचा।
कोर्ट से रोक लगने के बाद मौरंग के एक ट्रक की कीमत करीब 35 से 40 हजार रुपये तक हो गई है। इसका लाभ मौरंग माफिया लेने से नहीं चूक रहे हैं। इन दिनाें रामपुरा थाना क्षेत्र के बिलौड के आसपास माफिया पहुज नदी से अवैध खनन कर रहे हैं। इसके लिए पोकलैंड मशीन लगाई गई है। वहीं, कुठौंद थाना क्षेत्र के शंकरपुर में भी माफिया यमुना का सीना चीर कर मौरंग खनन कर रहे हैं।
शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे क्षेत्र का एक पूर्व प्रधान पहुज नदी से अवैध खनन करवा रहा था।तभी वहां लग्जरी गाड़ियाें से इटावा का एक माफिया पहुंचा और अपनी पोकलैंड मशीन उतारने लगा। इसको लेकर दोनाें पक्षाें के असलहाधारी आमने-सामने आ गए और कई राउंड गोलियां चली। गोलियाें की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दहशत में आ गए और पुलिस को सूचना दी।
लेकिन पुलिस ने मौके पर जाने को मुनासिब नहीें समझा। थानाध्यक्ष प्रभूनाथ सिंह फायरिंग की घटना से ही इंकार कर रहे हैं। बहरहाल क्षेत्र में चर्चा तो यही है कि पुलिस के गठजोड़ से ही अवैध मौरंग खनन हो रहा है। इसलिए पुलिस सारे मामले को दबाने में जुटी है।