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सब्सिडी के नाम पर किसानों से छलावा कर रही सरकार
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 06 Nov 2016 10:01 AM IST
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सब्सिडी के नाम पर किसानों के साथ छलावा किया जा रहा है। बाजार से अधिक दाम पर बीज मिलने से किसान नाराज हैं। खुले बाजार में मटर के बीज का दाम तीन हजार रुपये कुंतल है। यह मटर पैक बोरी में दुकानों में उपलब्ध है। वहीं, कृषि विभाग मटर के बीज का रेट 6048 रुपये कुंतल निर्धारित किए है।
जिसमें छूट के नाम पर 3024 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। जिससे किसानों को तीन हजार 24 रुपये एक कुंतल बीज के चुकाने पड़ रहे हैं। यही हाल चने के बीज का भी है। खुले बाजार में चने का रेट आठ से नौ हजार रुपये कुंतल है। जबकि कृषि विभाग में चने का रेट 12096 है। जिसमें चार हजार रुपये प्रति कुंतल का अनुदान दिया जा रहा है। फिर भी किसानों को 8960 रुपये चुकाना पड़ रहे हैं।
गेहूं का भी यही हाल है बाजार में गेहूं 1700 रुपये कुंतल है। कृषि विभाग इसी गेहूं का बीज 3120 रुपये निर्धारित किए है। कहने को तो विभाग 1400 रुपये का अनुदान दे रहा है। लेकिन किसानों को प्रति कुंतल 1720 रुपये चुकाने पड़ रहे है। महोबा के कुलपहाड़ के किसान अजय कुमार, सुधांशु मोहन का कहना है सरकार अनुदान के नाम पर किसानों के साथ छलावा कर रही है। अनुदान से अच्छा तो बजार से बीज खरीदना है। विभाग से बीज लेने पर अनुदान की रकम महीनों बाद खाते में आती है।
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जिसमें छूट के नाम पर 3024 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। जिससे किसानों को तीन हजार 24 रुपये एक कुंतल बीज के चुकाने पड़ रहे हैं। यही हाल चने के बीज का भी है। खुले बाजार में चने का रेट आठ से नौ हजार रुपये कुंतल है। जबकि कृषि विभाग में चने का रेट 12096 है। जिसमें चार हजार रुपये प्रति कुंतल का अनुदान दिया जा रहा है। फिर भी किसानों को 8960 रुपये चुकाना पड़ रहे हैं।
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गेहूं का भी यही हाल है बाजार में गेहूं 1700 रुपये कुंतल है। कृषि विभाग इसी गेहूं का बीज 3120 रुपये निर्धारित किए है। कहने को तो विभाग 1400 रुपये का अनुदान दे रहा है। लेकिन किसानों को प्रति कुंतल 1720 रुपये चुकाने पड़ रहे है। महोबा के कुलपहाड़ के किसान अजय कुमार, सुधांशु मोहन का कहना है सरकार अनुदान के नाम पर किसानों के साथ छलावा कर रही है। अनुदान से अच्छा तो बजार से बीज खरीदना है। विभाग से बीज लेने पर अनुदान की रकम महीनों बाद खाते में आती है।
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