{"_id":"58694f604f1c1b445ceee14c","slug":"freeze-symbol-of-samajwadi-party","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फ्रीज हो सकता है सपा का सिंबल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फ्रीज हो सकता है सपा का सिंबल
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 02 Jan 2017 08:29 AM IST
सार
- राजनीतिक विशेषज्ञों ने रखी राय
- बोले चुनाव आयोग को सिंबल फ्रीज करने का अधिकार
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सपा में जारी उठापटक के बीच राजनीतिक विशेषज्ञों ने चौंकाने वाली राय रखी है। आपसी चर्चा के बाद कहा है कि सपा का विवाद केंद्रीय निर्वाचन आयोग तक पहुंचा तो चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ फ्रीज किया जा सकता है। ऐसा हुआ तो मुलायम और अखिलेश गुट को अलग-अलग निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ेगा। कानपुर नगर की घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से सपा के दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। अब सिंबल किसे मिलेगा, इस पर संशय बना हुआ है।
लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क की प्रतिनिधि सभा में रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया। इसकी सूचना केेंद्रीय निर्वाचन आयोग को दी गई। इस पर सपा के संरक्षक बने मुलायम सिंह यादव ने पलटवार किया। पत्र जारी करके पांच जनवरी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग भी बुला ली। अब कार्यकारिणी का फैसला आएगा, फिर चुनाव आयोग को जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क की प्रतिनिधि सभा में रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया। इसकी सूचना केेंद्रीय निर्वाचन आयोग को दी गई। इस पर सपा के संरक्षक बने मुलायम सिंह यादव ने पलटवार किया। पत्र जारी करके पांच जनवरी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग भी बुला ली। अब कार्यकारिणी का फैसला आएगा, फिर चुनाव आयोग को जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
पूरे घटनाक्रम और उठापटक का राजनीतिक विशेषज्ञों ने रविवार को अध्ययन किया और राय रखी। डीएवी पीजी कॉलेज में राजनीति विज्ञान के शिक्षक डॉ. पुष्कर पांडेय ने कहा कि अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में है। सपा का आपसी विवाद जल्दी सुलझने वाला नहीं है। यह मामला आयोग के पास गया तो वह पार्टी के संस्थापक सदस्य को देखेगा। पार्टी के संविधान का अध्ययन करेगा। देखेगा कि प्रतिनिधि सभा के जरिये राष्ट्रीय अध्यक्ष को बदला जा सकता है या नहीं। इसके बाद ही चुनाव आयोग कोई फैसला देगा। यह प्रक्रिया लंबी होती है।
पीपीएन पीजी कॉलेज में राजनीति विज्ञान के शिक्षक डॉ. राजेश कुमार कहना है कि यूपी सहित पांच राज्यों के चुनाव जल्द होंगे। जनवरी के पहले सप्ताह में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो सकती है। ऐसे में चुनाव आयोग के सामने सपा के सिंबल को फ्रीज करने का विकल्प ही बचता है। इसका अधिकार भी चुनाव आयोग के पास है।
पीपीएन पीजी कॉलेज में राजनीति विज्ञान के शिक्षक डॉ. राजेश कुमार कहना है कि यूपी सहित पांच राज्यों के चुनाव जल्द होंगे। जनवरी के पहले सप्ताह में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो सकती है। ऐसे में चुनाव आयोग के सामने सपा के सिंबल को फ्रीज करने का विकल्प ही बचता है। इसका अधिकार भी चुनाव आयोग के पास है।