{"_id":"5c1914e2bdec22570c2f1371","slug":"former-mla-of-sp-sitting-in-the-pit-of-samadhi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"समाधि के गड्ढे में बैठीं सपा की पूर्व विधायक, गांववालों ने ऊपर से मिट्टी डाली ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समाधि के गड्ढे में बैठीं सपा की पूर्व विधायक, गांववालों ने ऊपर से मिट्टी डाली
Wed, 19 Dec 2018 08:58 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 19 Dec 2018 08:58 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद थाना मऊदरवाजा के श्रीरामचंद्र जी महाराज व सीता महारानी मंदिर हाथीपुर की विवादित जगह पर महंत की समाधि बनाए जाने को लेकर मंगलवार को सपा की पूर्व विधायक ने जमकर हंगामा किया। वह समाधि के लिए खोदे गए गड्ढे में बैठ गईं। गुस्साए ग्रामीणों ने उनके ऊपर मिट्टी तक डाल दी। महिलाओं ने खींचकर पूर्व विधायक को उठाया। सूचना पर उप जिलाधिकारी सदर व सीओ सिटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दूसरी जगह पर महंत की समाधि बनवाई।
महंत गंगादास और सपा की पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत के बीच मंदिर की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसका मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है। सोमवार को महंत गंगादास का निधन हो गया। मंगलवार को ग्रामीण विवादित जगह पर महंत की समाधि बनाने के लिए गड्ढा खोदने लगे। इसकी जानकारी पर पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गईं और उन्होंने समाधि बनाने का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। जानकारी पर उपजिलाधिकारी सदर अमित आसेरी और सीओ सिटी रामलखन सरोज व थाना मऊदरवाजा की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पूर्व विधायक समाधि के गड्ढे में बैठ गईं। गुस्साए ग्रामीणों ने उनके ऊपर मिट्टी डाल दी। लेखपाल और कानूनगो ने जैसे-तैसे ग्रामीणों को समझाया। उपजिलाधिकारी ने अभिलेख मंगवाकर देखे तो पता चला कि जिस जगह पर समाधि बनाई जा रही है वह जगह अभिलेखों में पूर्व विधायक और उनके पति डॉ. रामकृष्ण राजपूत के नाम दर्ज है। हालांकि इस जगह को लेकर कोर्ट में मुकदमा चल रहा है और जगह पर कब्जा मंदिर के महंत गंगादास का बताया जा रहा है।
विज्ञापन
एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाकर मंदिर के पास ही महंत गंगादास की समाधि बनवाई। पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने बताया कि वर्ष 2004 में उन्होंने चार बीघा जमीन का बैनामा कराया था। उसी जगह पर ग्रामीण समाधि बना रहे थे। इसलिए विरोध करते हुए वह गड्ढे में बैठ गई थीं। उन्होंने फावड़े छीन लिए थे। अब मंदिर की जमीन पर समाधि बनाई गई है। इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। विवादित जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
विज्ञापन
महंत गंगादास और सपा की पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत के बीच मंदिर की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसका मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है। सोमवार को महंत गंगादास का निधन हो गया। मंगलवार को ग्रामीण विवादित जगह पर महंत की समाधि बनाने के लिए गड्ढा खोदने लगे। इसकी जानकारी पर पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गईं और उन्होंने समाधि बनाने का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। जानकारी पर उपजिलाधिकारी सदर अमित आसेरी और सीओ सिटी रामलखन सरोज व थाना मऊदरवाजा की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
विज्ञापन
पूर्व विधायक समाधि के गड्ढे में बैठ गईं। गुस्साए ग्रामीणों ने उनके ऊपर मिट्टी डाल दी। लेखपाल और कानूनगो ने जैसे-तैसे ग्रामीणों को समझाया। उपजिलाधिकारी ने अभिलेख मंगवाकर देखे तो पता चला कि जिस जगह पर समाधि बनाई जा रही है वह जगह अभिलेखों में पूर्व विधायक और उनके पति डॉ. रामकृष्ण राजपूत के नाम दर्ज है। हालांकि इस जगह को लेकर कोर्ट में मुकदमा चल रहा है और जगह पर कब्जा मंदिर के महंत गंगादास का बताया जा रहा है।
विज्ञापन
एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाकर मंदिर के पास ही महंत गंगादास की समाधि बनवाई। पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने बताया कि वर्ष 2004 में उन्होंने चार बीघा जमीन का बैनामा कराया था। उसी जगह पर ग्रामीण समाधि बना रहे थे। इसलिए विरोध करते हुए वह गड्ढे में बैठ गई थीं। उन्होंने फावड़े छीन लिए थे। अब मंदिर की जमीन पर समाधि बनाई गई है। इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। विवादित जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
पूर्व विधायक अकेली खड़ी दिखाई दीं
डेमो पिक
मंदिर की विवादित जगह को लेकर हुए हंगामे के बाद पूर्व विधायक अकेली खड़ी दिखाई दीं। ग्रामीण पूर्व विधायक से दूरी बनाए रहे। ग्रामीणों ने पूर्व विधायक पर कब्जा करने का आरोप लगाए। थाना मऊदरवाजा के श्रीरामचंद्रजी महाराज व सीता महारानी मंदिर हाथीपुर की विवादित जगह पर महंत की समाधि बनाए जाने को लेकर सपा की पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत के हंगामे के बाद ग्रामीण उनसे काफी खफा दिखाई दिए। विरोध के चलते पूर्व विधायक ने महंत की समाधि की जगह तो बदलवा दी लेकिन वह अकेली खड़ी नजर आईं। जिला प्रशासन जब दूसरी जगह पर महंत गंगादास की समाधि के लिए जेसीबी से गड्ढा खुदवा रहा था तो पूर्व विधायक अलग अकेले कुर्सी डाले बैठी थीं। वहीं, ग्रामीण पूर्व विधायक पर तरह-तरह के आरोप लगा रहे थे।
ग्रामीणों की सहमति से दूसरी जगह बनाई समाधि
एसडीएम सदर अमित आसेरी ने बताया कि विवाद की जानकारी पर वह मौके पर पहुंचे थे। अभिलेखों में करीब चार बीघा जमीन पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत व उनके पति डॉ. रामकृष्ण राजपूत के नाम है। हालांकि इस जमीन को लेकर महंत गंगादास और पूर्व विधायक के बीच मामला कोर्ट में चल रहा है। जमीन पर कब्जा महंत का ही है। ग्रामीणों की सहमति से महंत की समाधि मंदिर के पास ही स्थित जमीन पर बनवाई है।
ग्रामीणों की सहमति से दूसरी जगह बनाई समाधि
एसडीएम सदर अमित आसेरी ने बताया कि विवाद की जानकारी पर वह मौके पर पहुंचे थे। अभिलेखों में करीब चार बीघा जमीन पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत व उनके पति डॉ. रामकृष्ण राजपूत के नाम है। हालांकि इस जमीन को लेकर महंत गंगादास और पूर्व विधायक के बीच मामला कोर्ट में चल रहा है। जमीन पर कब्जा महंत का ही है। ग्रामीणों की सहमति से महंत की समाधि मंदिर के पास ही स्थित जमीन पर बनवाई है।
मंदिर के नाम है जिले में करीब 150 बीघा भूमि
डेमो पिक
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के श्रीरामचंद्रजी महाराज व सीता महारानी मंदिर हाथीपुर के नाम जिले के अलग-अलग ब्लाकों में करीब 150 बीघा भूमि है। मंदिर के अधिवक्ता दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि मंदिर के नाम ब्लाक बढ़पुर के हाथीपुर, बरौन, ब्लाक कमालगंज के सबासी, खंडौली और ब्लाक नवाबगंज क्षेत्र के बघौरा गांव में करीब 150 बीघा भूमि है।
आरोप लगाया कि पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने फर्जी तरीके से मंदिर की चार बीघा भूमि अपने व पति डॉ. रामकृष्ण राजपूत के नाम बैनामा करा ली। उन्होंने बताया कि इसका मुकदमा कोर्ट में चल रहा है और डॉ. रामकृष्ण राजपूत के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हो गई है।
आरोप लगाया कि पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने फर्जी तरीके से मंदिर की चार बीघा भूमि अपने व पति डॉ. रामकृष्ण राजपूत के नाम बैनामा करा ली। उन्होंने बताया कि इसका मुकदमा कोर्ट में चल रहा है और डॉ. रामकृष्ण राजपूत के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हो गई है।
प्रधान विवादित जमीन पर करवा रहे खेती
डेमो पिक
हाथीपुर ग्राम सभा के प्रधान कबीर खां दस सालों से विवादित जमीन पर खेती करवाते चले आ रहे हैं। मौजूदा समय में विवादित जमीन पर आलू की फसल बो रखी है। प्रधान कबीर खां ने बताया कि वह दस साल से बंटाई पर खेती कर रहे हैं।
सुनील कर सकते हैं मंदिर की देखभाल
महंत गंगादास के साथ ही कंपिल के रहने वाले सुनील कुमार मंदिर की देखभाल करते हैं। महंत गंगादास की मृत्यु के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि सुनील कुमार ही अब मंदिर की देखभाल करेंगे।
सुनील कर सकते हैं मंदिर की देखभाल
महंत गंगादास के साथ ही कंपिल के रहने वाले सुनील कुमार मंदिर की देखभाल करते हैं। महंत गंगादास की मृत्यु के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि सुनील कुमार ही अब मंदिर की देखभाल करेंगे।
हिंदू जागरण मंच ने जताया विरोध
डेमो पिक
श्रीरामचंद्रजी महाराज व सीता महारानी मंदिर हाथीपुर में हुई घटना की हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने निंदा की। जिलाध्यक्ष सुबोध मिश्र और प्रांतीय मंत्री दिनेश मिश्र दिन्नू ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर वह लोग मौके पर गए थे। पदाधिकारियों ने महंत गंगादास की समाधि पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। प्रांतीय मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया तो इसका विरोध किया जाएगा। मधुकर शुक्ल, अरुण प्रकाश, लकी शर्मा, गौरव मिश्र, भगवान सिंह गंगवार और शिवओम पांडेय आदि मौजूद रहे।