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सेंगुर नदी उफनाई, युवक की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर देहात
Updated Thu, 30 Jul 2015 12:58 AM IST
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मूसानगर के यमुना नदी के उफान के कारण सेंगुर नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। गत मंगलवार को अचानक बढ़े जलस्तर से आसपास के कई गांवों की सड़कों पर पानी आ गया हे।
इसके साथ ही सैकड़ों बीघे जमीन जलमगभन है। बुधवार को नगीना बांगर- मुसरिया मार्ग पर भरे पानी में डूबकर एक युवक की मौत हो गई।
मालूम हो कि तीन दिन पहले सेंगुर नदी की बाढ़ का सिल सिलस शुरु हुआ था जिसका दयरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पानी से घिरे चपरघटा, आढ़न, पथार, भुंडा, भरतौली , रसूलपुर, कुंभापुर, चतुरीपुर्वा, लवरसी, सिहारी, मुसरिया, नगीना बांगर, बम्हरौलीघाट, अहरौलीघाट, सिमरिया, कट्टापुर्वा गांव के लोग रात में जागकर जलस्तर का जायजा ले रहे हैं।
गांव में नौबत यहां तक आ गई है कि ग्रामीण पलायन की तैयारी के तहत गृहस्थी के सामान पैक करने लगे हैं।
बुधवार को कट्टापुर्वा निवासी जयकरन का पुत्र रिंकू (18) अपने दोस्तो के साथ गांव से मूसानगर आ रहा था।
रास्ते में पुलिया के पास पैर फिसल जाने से पानी में बहने लगा। साथियों के चिल्लाने पर जबतक नजदीकी गांव के लोग पहुंचे और उसको पानी से निकाला गया तब तक मौत हो चुकी थी।
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जानकारी मिलने पर पहुंचे मृतक की मां और परिजन रो-रो कर बेहाल हो गये। तहसीलदार ओमप्रकाश शुक्ल ने परिजनों को ढांढस बंधाया और मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोष व पारिवारिक लाभ योजना के तहत सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया है।
ग्राम प्रधान चपरघटा के जगदीश निषाद भरतौली के धर्मेद्र चंदेल, नगीनाबांगर के राजेंद्र कुमार ने ऊंची व बड़ी पुलियां बनवाकर समस्या का स्थाई समाधान कराने की मांग की है।
उपजिलाधिकारी हरिहरराम का कहना है कि प्राइवेट नाविकों को प्रशासन की ओर से मेहनताना दिया जाएगा। उनको ग्रामीणों से वसूली न करने की हिदायत दी गई है। ग्रामीणों से बाढ़ का पानी न सिमटने तक नाव से ही आवागमन करने की अपील की गई है।
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इसके साथ ही सैकड़ों बीघे जमीन जलमगभन है। बुधवार को नगीना बांगर- मुसरिया मार्ग पर भरे पानी में डूबकर एक युवक की मौत हो गई।
मालूम हो कि तीन दिन पहले सेंगुर नदी की बाढ़ का सिल सिलस शुरु हुआ था जिसका दयरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पानी से घिरे चपरघटा, आढ़न, पथार, भुंडा, भरतौली , रसूलपुर, कुंभापुर, चतुरीपुर्वा, लवरसी, सिहारी, मुसरिया, नगीना बांगर, बम्हरौलीघाट, अहरौलीघाट, सिमरिया, कट्टापुर्वा गांव के लोग रात में जागकर जलस्तर का जायजा ले रहे हैं।
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गांव में नौबत यहां तक आ गई है कि ग्रामीण पलायन की तैयारी के तहत गृहस्थी के सामान पैक करने लगे हैं।
बुधवार को कट्टापुर्वा निवासी जयकरन का पुत्र रिंकू (18) अपने दोस्तो के साथ गांव से मूसानगर आ रहा था।
रास्ते में पुलिया के पास पैर फिसल जाने से पानी में बहने लगा। साथियों के चिल्लाने पर जबतक नजदीकी गांव के लोग पहुंचे और उसको पानी से निकाला गया तब तक मौत हो चुकी थी।
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जानकारी मिलने पर पहुंचे मृतक की मां और परिजन रो-रो कर बेहाल हो गये। तहसीलदार ओमप्रकाश शुक्ल ने परिजनों को ढांढस बंधाया और मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोष व पारिवारिक लाभ योजना के तहत सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया है।
ग्राम प्रधान चपरघटा के जगदीश निषाद भरतौली के धर्मेद्र चंदेल, नगीनाबांगर के राजेंद्र कुमार ने ऊंची व बड़ी पुलियां बनवाकर समस्या का स्थाई समाधान कराने की मांग की है।
उपजिलाधिकारी हरिहरराम का कहना है कि प्राइवेट नाविकों को प्रशासन की ओर से मेहनताना दिया जाएगा। उनको ग्रामीणों से वसूली न करने की हिदायत दी गई है। ग्रामीणों से बाढ़ का पानी न सिमटने तक नाव से ही आवागमन करने की अपील की गई है।