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Kanpur News: एसआईटी के पास पहुंची जमीन संबंधी पांच शिकायतें
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कानपुर। गिरोह बनाकर लोगों को दुष्कर्म में फंसाने, ब्लैकमेल और जबरन वसूली करने के मामलों की जांच कर रही एसआईटी के पास दो दिन में जमीन संबंधी पांच शिकायतें भी आ गई हैं। इनमें से कुछ में अखिलेश दुबे के साथियों के शामिल होने का आरोप है। यह अलग अलग क्षेत्रों से आई हैं। एसआईटी के अधिकारी जल्द ही इन मामलों में जांच शुरू कर सकते हैं। पुलिस कमिश्नर ने सभी की रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस कमिश्नर के पास संगठित गिरोह बनाकर लोगों को झूठे आरोपों में फंसाने, एफआईआर खत्म कराने के बदले जबरन वसूली की कई शिकायतें आई थीं, जिस पर जनवरी 2025 में एसआईटी का गठन किया गया। पिछले छह माह के अंतर्गत 54 शिकायतें आईं। एसआईटी ने गिरोह बनाकर रंगदारी मांगने के मामले के सिर्फ दस केस ही फाइनल किए। अन्य मामले सभी जोन के डीसीपी कार्यालय को भेज दिए गए हैं। दस केस की जांच हुई तो उसमें कई युवतियां और लड़कियां भी मिलीं। इन युवतियों ने आरोप लगाकर लोगों को फंसाया था। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक ही युवती ने कई दूसरे मामलों में भी एफआईआर कराई थी। कुछ में बालिग तो कुछ में नाबालिग बन गई हैं। इसकी अलग से जांच शुरू हो गई है। एसआईटी की टीम में शामिल स्टाफ इन लड़कियों के सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं।
बर्रा पुलिस ने भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रवि सतीजा की शिकायत पर अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया गया। इसके बाद अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ किदवईनगर, कोतवाली, कल्याणपुर, ग्वालटोली में एफआईआर कराई। पुलिस को गिरोह में कई और लोगों के शामिल होने का अंदेशा है। पुलिस कमिश्नर कार्यालय से कुछ और शिकायतें एसआईटी को भेजी गई हैं, जिनकी जांच कराई जाएगी। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने बताया कि जमीन संबंधी मामलों में से कुछ अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ हैं। इन सभी की जांच कराई जा रही हैं।
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पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक अब तक दर्ज हुई एफआईआर की जांच में तीन युवकों के नाम सामने आए हैं। यह हर घटना में लड़कियों के रिश्तेदार बनकर सामने आए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है। रवि सतीजा वाले मामले में अभिषेक बाजपेई ने खुद को पीड़िता का रिश्तेदार बताया था।
एसआईटी से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि जैसे जैसे एफआईआर और शिकायतें आ रही हैं। उनकी आख्या और रिपोर्ट केडीए व राजस्व विभाग से मांगी जा रही है। पूर्व के मामलों की रिपोर्ट केडीए को भेज दी गई है। वह अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं।
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पुलिस कमिश्नर के पास संगठित गिरोह बनाकर लोगों को झूठे आरोपों में फंसाने, एफआईआर खत्म कराने के बदले जबरन वसूली की कई शिकायतें आई थीं, जिस पर जनवरी 2025 में एसआईटी का गठन किया गया। पिछले छह माह के अंतर्गत 54 शिकायतें आईं। एसआईटी ने गिरोह बनाकर रंगदारी मांगने के मामले के सिर्फ दस केस ही फाइनल किए। अन्य मामले सभी जोन के डीसीपी कार्यालय को भेज दिए गए हैं। दस केस की जांच हुई तो उसमें कई युवतियां और लड़कियां भी मिलीं। इन युवतियों ने आरोप लगाकर लोगों को फंसाया था। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक ही युवती ने कई दूसरे मामलों में भी एफआईआर कराई थी। कुछ में बालिग तो कुछ में नाबालिग बन गई हैं। इसकी अलग से जांच शुरू हो गई है। एसआईटी की टीम में शामिल स्टाफ इन लड़कियों के सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं।
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बर्रा पुलिस ने भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रवि सतीजा की शिकायत पर अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया गया। इसके बाद अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ किदवईनगर, कोतवाली, कल्याणपुर, ग्वालटोली में एफआईआर कराई। पुलिस को गिरोह में कई और लोगों के शामिल होने का अंदेशा है। पुलिस कमिश्नर कार्यालय से कुछ और शिकायतें एसआईटी को भेजी गई हैं, जिनकी जांच कराई जाएगी। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने बताया कि जमीन संबंधी मामलों में से कुछ अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ हैं। इन सभी की जांच कराई जा रही हैं।
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पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक अब तक दर्ज हुई एफआईआर की जांच में तीन युवकों के नाम सामने आए हैं। यह हर घटना में लड़कियों के रिश्तेदार बनकर सामने आए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है। रवि सतीजा वाले मामले में अभिषेक बाजपेई ने खुद को पीड़िता का रिश्तेदार बताया था।
एसआईटी से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि जैसे जैसे एफआईआर और शिकायतें आ रही हैं। उनकी आख्या और रिपोर्ट केडीए व राजस्व विभाग से मांगी जा रही है। पूर्व के मामलों की रिपोर्ट केडीए को भेज दी गई है। वह अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं।