लुटेराें की बस्ती है, माैत यहां पर सस्ती है
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तीन माैत, तीन पिटे
माैत के बाद मारपीट
तीसरी माैत डाक्टराें की अनदेखी के चलते हुई। चुन्नीगंज निवासी एक वृद्ध को बुखार के साथ उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद परिजन बुधवार रात उर्सला इमरजेंसी लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि ईएमओ ने वृद्ध को हैलट ले जाने को कह दिया। परिजन काफी देर तक उर्सला में ही भर्ती करने का दबाव बनाते रहे लेकिन जब ईएमओ नहीं माने तो परिजन वृद्ध को लेकर घर चले गए। सुबह वृद्ध की मौत के बाद परिजन शव लेकर इमरजेंसी पहुंचे तो मारपीट हो गई।
जूनियर डॉक्टरों ने महिला को पीटा
फतेहपुर के औंग की रहने वाली गायत्री (25) पत्नी राधेश्याम बुधवार सुबह बाइक से गिरकर घायल हो गई थी। पति ने बुधवार दोपहर गायत्री को हैलट में न्यूरो सर्जरी में उसे डॉ. गजेंद्र सिंह की यूनिट में भर्ती कराया। सीटी स्कैन के बाद शाम को जूनियर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। आरोप है कि ग्लूकोज की बोतल में एक के बाद एक कई इंजेक्शन डाल दिए गए। डोज ज्यादा होने के कारण गायत्री ने आंखों के सामने अंधेरा होने की शिकायत की तो जूनियर डॉक्टरों ने उसे पीट दिया। इधर, रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन कराने के लिए न्यूरो सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह की यूनिट में भर्ती शांति (65) पत्नी रामप्रकाश निवासी दादानगर को जूनियर डॉक्टरों ने सिर्फ इसलिए गाली दी क्योंकि उन्होंने अपनी मर्जी से ऑपरेशन की दवाएं बाहर से खरीद ली थी। इसी तरह कानपुर देहात के मूसानगर स्थित सुल्तनापुर की निधि (16) पुत्री संतोष को हैलट मेडिसिन के जूनियर डॉक्टरों ने गुरुवार सुबह भगा दिया। बार-बार बेहोश होने के कारण परिवार वाले निधि को लेकर बुधवार रात हैलट पहुंचे थे।
डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या 300 पार
इस बीच हैलट और उर्सला में स्वास्थ्य सेवाएं ठीक न होने से डेंगू पॉजिटिव मरीज प्राइवेट अस्पतालों में जा रहे हैं। हैैलट के डेंगू वार्ड में गुरुवार को सिर्फ एक मरीज भर्ती हुआ। वहीं, उर्सला में अब तक कोई भी डेंगू पॉजिटिव मरीज भर्ती नहीं हुआ है।