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Farrukhabad: अधिवक्ता से मारपीट व लूट के मामले में दरोगा व सिपाही पर दोष सिद्ध, सजा के लिए 16 को होगी सुनवाई

Wed, 14 Jan 2026 10:55 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 14 Jan 2026 10:55 PM IST
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Farrukhabad: Sub-inspector and constable convicted in assault and robbery case involving an advocate
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

अधिवक्ता से मारपीट, लूट और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आठ वर्ष पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश एंटी डकैटी शैलेंद्र सचान ने दरोगा अनिल भदौरिया व सिपाही सुरेंद्र सिंह को दोषी करार दिया। सजा के लिए 16 जनवरी की तारीख तय की है। अदालत ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। दरोगा अनिल भदौरिया जालौन और सिपाही सुरेंद्र सिंह की तैनाती इन दिनों इटावा में है।

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कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला नेकपुर कलां निवासी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार शर्मा ने विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती की अदालत में परिवाद दाखिल किया था। इसमें बताया कि 10 जनवरी 2018 की शाम दयानंद कटियार, अभिनव कटियार और आशा कटियार ने उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। सूचना देने जब वह चौकी कर्नलगंज जा रहे थे तभी चौकी इंचार्ज अनिल भदौरिया ने उसे कोतवाली फतेहगढ़ बुलाया।
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वह साथी शैलेंद्र सिंह व अमित तिवारी के साथ कोतवाली पहुंचा तो चौकी इंचार्ज व सिपाही सुरेंद्र सिंह, नवनीत यादव ने गालीगलौज कर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इससे वह व उसके साथी घायल हो गए। परिवाद में यह भी कहा गया कि धार्मिक भावना को आहत करने के उद्देश्य से उसकी ब्लेड से जबरन चोटी काट दी गई तथा नकदी, एटीएम कार्ड और सोने की अंगूठी छीन ली गई। आरोप लगाया कि उसे रातभर हवालात में बंद कर मारपीट की गई और मोबाइल फोन तोड़ दिए गए। यह सभी कार्रवाई तत्कालीन एसएसआई दीपक कुमार के कहने पर की गई।
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मामले में अपर पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक से शिकायत की लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली। साक्ष्य एवं गवाहों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने तत्कालीन चौकी इंचार्ज अनिल भदौरिया व सिपाही सुरेंद्र सिंह को दोषी करार दिया। दोषियों की जमानत खारिज करते हुए बंधपत्र निरस्त कर दिए।

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