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कानपुर की ट्रैवल्स एजेंसियां फर्जी
दिलीप सिंह, कानपुर
Updated Thu, 08 Sep 2016 08:08 PM IST
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कानपुर शहर की सारी ट्रैवल्स एजेंसियां फर्जी हैं, किसी भी एजेंसी का आरटीओ में रजिस्ट्रेशन नहीं है। विभाग के अफसरों को भी इसकी कोई चिंता नहीं है। जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई सूचना में इसका खुलासा हुआ है। आरटीओ वीके सिंह ने मामले में कार्रवाई की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया।
संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) वीके सिंह ने आरटीआई का जवाब देते हुए बताया कि ट्रैवल्स एजेंसी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था दि मोटर व्हीकल्स (ऑल इंडिया परमिट फॉर टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन) रूल्स 1993 में निहित है। इस नियमावली के नियम 15 एवं इससे संबद्घ अनुसूची के अनुसार ट्रैवेल्स एजेंसी के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है। कानपुर में इस नियमावली के अंतर्गत मान्यता प्राप्त कोई भी ट्रैवल्स एजेंसी नहीं है। जबकि शहर में एक नहीं कई बड़ी ट्रैवल्स एजेंसियां हैं, जो कि करोड़ों का कारोबार करती हैं। जानकारों की मानें तो ट्रैवल्स एजेंसी संचालकों की आरटीओ में अच्छी सेटिंग होने के चलते रजिस्ट्रेशन की बात तो दूर इनकी गाड़ियां कोई चेक तक नहीं करता है। इससे टैक्स चोरी और करोड़ों का माल सवारियों की आड़ में एक शहर से दूसरे शहर ढोया जाता है।
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संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) वीके सिंह ने आरटीआई का जवाब देते हुए बताया कि ट्रैवल्स एजेंसी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था दि मोटर व्हीकल्स (ऑल इंडिया परमिट फॉर टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन) रूल्स 1993 में निहित है। इस नियमावली के नियम 15 एवं इससे संबद्घ अनुसूची के अनुसार ट्रैवेल्स एजेंसी के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है। कानपुर में इस नियमावली के अंतर्गत मान्यता प्राप्त कोई भी ट्रैवल्स एजेंसी नहीं है। जबकि शहर में एक नहीं कई बड़ी ट्रैवल्स एजेंसियां हैं, जो कि करोड़ों का कारोबार करती हैं। जानकारों की मानें तो ट्रैवल्स एजेंसी संचालकों की आरटीओ में अच्छी सेटिंग होने के चलते रजिस्ट्रेशन की बात तो दूर इनकी गाड़ियां कोई चेक तक नहीं करता है। इससे टैक्स चोरी और करोड़ों का माल सवारियों की आड़ में एक शहर से दूसरे शहर ढोया जाता है।
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