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एटा हादसाः जल्द आने का वादा कर हमेशा के लिए चला गया आकाश
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 19 Jan 2017 11:51 PM IST
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एटा हादसे में मरने वाले ड्राइवर के घर मचा कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
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एटा के अलीगंज में हुए हादसे में मृतक बस चालक आकाश गंगवार मकर संक्रांति पर फर्रुखाबाद अपने घर आया था। लौटते वक्त वह मां से जल्द आने का वादा करके गया था लेकिन सड़क हादसे में वह हमेशा के लिए दुनिया ही छोड़कर चला गया।
हादसे की सूचना मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव खिनमिनी में आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जवान बेटे की मौत से मां वीरेश्वरी रो-रोकर बदहवास हो गई। उन्होंने बताया कि आकाश ने कक्षा सात के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। 15 साल की उम्र में ही वह वाहन चलाने लगा। पहले ट्रैक्टर फिर कार व बस चलाना सीखा। गांव से ज्यादा रुपये मिलने के लालच में वह एटा में स्कूली बस चलाने के लिए जून महीने में गया था। अभी जुलाई से ही बस चलाना शुरू किया था। वहां महीने में चार हजार रुपये नकद के अलावा रहने व खाने की व्यवस्था थी। वीरेश्वरी ने बताया कि आकाश 15 जनवरी की शाम अंतिम बार घर आया था। करीब एक घंटे तक रुकने के बाद एटा चला गया। तीन भाइयों में वह तीसरे नंबर का था। भाभी नीतू व मौसेरी बहन लक्ष्मी ने बताया कि परिवार में मात्र तीन बीघा खेती होने के कारण बड़ा भाई पवन कुमार गंगवार गाजियाबाद, छोटा भाई अनुज नोएडा में प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां व पिता मातादीन गांव रहते हैं। बेटे के सिर शादी का सेहरा बंधने के सपने संजो रहे परिजनों के अरमानों पर हादसे ने पानी फेर दिया।
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हादसे की सूचना मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव खिनमिनी में आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जवान बेटे की मौत से मां वीरेश्वरी रो-रोकर बदहवास हो गई। उन्होंने बताया कि आकाश ने कक्षा सात के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। 15 साल की उम्र में ही वह वाहन चलाने लगा। पहले ट्रैक्टर फिर कार व बस चलाना सीखा। गांव से ज्यादा रुपये मिलने के लालच में वह एटा में स्कूली बस चलाने के लिए जून महीने में गया था। अभी जुलाई से ही बस चलाना शुरू किया था। वहां महीने में चार हजार रुपये नकद के अलावा रहने व खाने की व्यवस्था थी। वीरेश्वरी ने बताया कि आकाश 15 जनवरी की शाम अंतिम बार घर आया था। करीब एक घंटे तक रुकने के बाद एटा चला गया। तीन भाइयों में वह तीसरे नंबर का था। भाभी नीतू व मौसेरी बहन लक्ष्मी ने बताया कि परिवार में मात्र तीन बीघा खेती होने के कारण बड़ा भाई पवन कुमार गंगवार गाजियाबाद, छोटा भाई अनुज नोएडा में प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां व पिता मातादीन गांव रहते हैं। बेटे के सिर शादी का सेहरा बंधने के सपने संजो रहे परिजनों के अरमानों पर हादसे ने पानी फेर दिया।
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