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एसबीआई खाताधारकों के लिए बड़ी खबर, ट्रांजेक्शन से पहले जान लें बैंक की ये नई गाइडलाइन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 14 Oct 2018 09:41 AM IST
सार
- चेक फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर एसबीआई ने जारी किए निर्देश
- जून से सितंबर 2018 के बीच चेक फ्रॉड के 31 मामले आए
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एसबीआई
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विस्तार
क्लोन चेक के जरिए बढ़ते फ्रॉड के बीच एसबीआई ने बैंक की किसी अन्य दूसरी शाखा में थर्ड पार्टी के नकद भुगतान पर रोक लगा दी है। इस संबंध में सभी बैंकों को निर्देश भेजे गए हैं। निर्देश में यह भी कहा गया है कि चेक फ्रॉड एक संगठित गिरोह कर रहा है। ऐसे में थर्ड पार्टी को भुगतान में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
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एसबीआई
एसबीआई के सूत्रों ने बताया कि कानपुर में जून से सितंबर 2018 के बीच बैंक की विभिन्न शाखाओं में चेक फ्रॉड के 31 मामले आ चुके हैं। इनमें सामने आया कि खाताधारक का चेक उसके पास ही था। जालसाजों ने क्लोन चेक के जरिये रुपये निकाल लिए। यह सभी धारक (बियरर) चेक थे, जबकि खाताधारक को आर्डर चेक जारी किया गया था। जिन चेक के माध्यम से फ्रॉड किया गया था, उसमें सभी एक लाख से कम के थे।
सूत्रों ने बताया कि सभी चेक संबंधित शाखाओं पर नकद भुगतान के लिए पेश किए गए थे। इस पर रोकथाम के लिए अब बैंक ने नई व्यवस्था कर दी है। इसके तहत बैंक की नॉन होम शाखाओं पर अन्य पक्ष (थर्ड पार्टी) को नगद भुगतान नहीं किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि सभी चेक संबंधित शाखाओं पर नकद भुगतान के लिए पेश किए गए थे। इस पर रोकथाम के लिए अब बैंक ने नई व्यवस्था कर दी है। इसके तहत बैंक की नॉन होम शाखाओं पर अन्य पक्ष (थर्ड पार्टी) को नगद भुगतान नहीं किया जाएगा।
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नॉन होम शाखा कौन
एसबीआई
जिस भी बैंक की शाखा में आपका खाता है, वह होम शाखा कहलाती है। इसके अलावा अन्य सभी शाखाएं नॉन होम कहलाती हैं।
थर्ड पार्टी को ऐसे समझें
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मान लीजिए कि राजेश नाम के व्यक्ति का खाता एसबीआई की स्वरूप नगर शाखा में है। राजेश ने चेक काटकर सुमित को दी, तो एसबीआई स्वरूप नगर फर्स्ट पार्टी, राजेश सेकेंड और सुमित थर्ड पार्टी होंगे। यदि अब सुमित राजेश द्वारा दी गई चेक स्वरूप नगर स्थित शाखा के अतिरिक्त किसी अन्य बैंक की शाखा में नगद भुगतान के लिए लगाते हैं तो बैंक भुगतान नहीं करेगा।