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जाम से निजात की दो बाधाएं दूर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:58 AM IST
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न्यू ट्रांसपोर्ट नगर
- फोटो : amarujala
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कानपुर। शहर के बड़े हिस्से को जाम से निजात दिलाने की दो बड़ी बाधाएं बृहस्पतिवार को दूर हो गईं। ट्रांसपोर्ट नगर को न्यू ट्रांसपोर्ट नगर, पनकी शिफ्ट करने संबंधी ट्रांसपोर्टरों की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज दिया। दूसरी ओर नौबस्ता मौरंग मंडी की शिफ्टिंग के लिए केडीए ने जिला प्रशासन को पत्र भी भेजा है। पत्र में केडीए ने मंडी शिफ्टिंग की सभी औपचारिकताएं पूरी करने की जानकारी प्रशासन को दी है। दोनों जगह शिफ्टिंग के बाद दक्षिण कानपुर के बड़ी आबादी को जाम से राहत मिलेगी।
केडीए की न्यू ट्रांसपोर्ट नगर योजना में पुरानी दरों पर जमीन देने, कूड़ा निस्तारण प्लांट, सड़कों की चौड़ाई और सुविधाओं के अभाव की शिकायत करते हुए ट्रांसपोर्टरों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। केडीए अधिशासी अभियंता लव उपाध्याय ने बताया कि प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्टरों की ओर से उठाए गए मुद्दों का पहले ही निस्तारण कर दिया था।
कूड़ा निस्तारण के लिए आईएलएफएस एक माह में प्लांट शुरू कर देगा। किसानों को चार लाख रुपये बीघा का एक्स ग्रेसिया देने के कारण पुरानी कीमतों में आवंटन संभव नहीं था। ट्रांसपोर्टरों की डिमांड के मुताबिक यहां सड़कों की चौड़ाई 15 मीटर से 36 मीटर तक रखी गई है। इस आधार पर कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी है। केडीए ने नौबस्ता मौरंग मंडी से हमीरपुर रोड पर बनी नई मौरंग मंडी में दुकानों का आवंटन पाने वाले 87 दुकानदारों को कब्जा देने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। केडीए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह डीएम को दुकानें शिफ्ट कराने के लिए पत्र भेजा है।
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दूसरी याचिका दाखिल करें
याचिका में मांग की गई थी कि यूपी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को वहां से शिफ्ट न किया जाए तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को हटाया जाए। कोर्ट ने याचिका में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि याची चाहे तो दूसरी याचिका दाखिल कर राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती दे सकता है। यूपी मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन कानपुर की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने सुनवाई की। कहा गया कि केडीए 400 करोड़ रुपये की लागत पुराने ट्रांसपोर्ट नगर को ही उच्चीकृत कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि याचीगण के प्रत्यावेदन पर सरकार द्वारा दिए आदेश को चुनौती देते हुए दूसरी याचिका दाखिल की जा सकती है।
एक नजर में न्यू ट्रांसपोर्ट नगर योजना
a 80.84 हेक्टेयर में तीन चरणों में बसेगा नगर a पहले चरण में 396, दूसरे में 329 और आखिरी में 304 यानी कुल 1029 भूखंड होंगे। भूखंडों का साइज 30 वर्गमीटर से लेकर 1800 वर्गमीटर तक होगा। a ढाबा, स्पेयर पार्ट, पानी, फायर स्टेशन, पुलिस चौकी, आरटीओ ऑफिस, सुलभ शौचालय, 500 ट्रकों की पार्किंग, सब स्टेशन आदि की होगी सुविधा।
यहां मिलेगी जाम से राहत
किदवई नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, यशोदा नगर बाईपास, झकरकटी पुल, जरीब चौकी, जूही, परमपुरवा, नौबस्ता चौराहा, हमीरपुर रोड आदि जगह।
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केडीए की न्यू ट्रांसपोर्ट नगर योजना में पुरानी दरों पर जमीन देने, कूड़ा निस्तारण प्लांट, सड़कों की चौड़ाई और सुविधाओं के अभाव की शिकायत करते हुए ट्रांसपोर्टरों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। केडीए अधिशासी अभियंता लव उपाध्याय ने बताया कि प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्टरों की ओर से उठाए गए मुद्दों का पहले ही निस्तारण कर दिया था।
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कूड़ा निस्तारण के लिए आईएलएफएस एक माह में प्लांट शुरू कर देगा। किसानों को चार लाख रुपये बीघा का एक्स ग्रेसिया देने के कारण पुरानी कीमतों में आवंटन संभव नहीं था। ट्रांसपोर्टरों की डिमांड के मुताबिक यहां सड़कों की चौड़ाई 15 मीटर से 36 मीटर तक रखी गई है। इस आधार पर कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी है। केडीए ने नौबस्ता मौरंग मंडी से हमीरपुर रोड पर बनी नई मौरंग मंडी में दुकानों का आवंटन पाने वाले 87 दुकानदारों को कब्जा देने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। केडीए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह डीएम को दुकानें शिफ्ट कराने के लिए पत्र भेजा है।
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दूसरी याचिका दाखिल करें
याचिका में मांग की गई थी कि यूपी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को वहां से शिफ्ट न किया जाए तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को हटाया जाए। कोर्ट ने याचिका में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि याची चाहे तो दूसरी याचिका दाखिल कर राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती दे सकता है। यूपी मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन कानपुर की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने सुनवाई की। कहा गया कि केडीए 400 करोड़ रुपये की लागत पुराने ट्रांसपोर्ट नगर को ही उच्चीकृत कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि याचीगण के प्रत्यावेदन पर सरकार द्वारा दिए आदेश को चुनौती देते हुए दूसरी याचिका दाखिल की जा सकती है।
एक नजर में न्यू ट्रांसपोर्ट नगर योजना
a 80.84 हेक्टेयर में तीन चरणों में बसेगा नगर a पहले चरण में 396, दूसरे में 329 और आखिरी में 304 यानी कुल 1029 भूखंड होंगे। भूखंडों का साइज 30 वर्गमीटर से लेकर 1800 वर्गमीटर तक होगा। a ढाबा, स्पेयर पार्ट, पानी, फायर स्टेशन, पुलिस चौकी, आरटीओ ऑफिस, सुलभ शौचालय, 500 ट्रकों की पार्किंग, सब स्टेशन आदि की होगी सुविधा।
यहां मिलेगी जाम से राहत
किदवई नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, यशोदा नगर बाईपास, झकरकटी पुल, जरीब चौकी, जूही, परमपुरवा, नौबस्ता चौराहा, हमीरपुर रोड आदि जगह।