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सोशल मीडिया पर किताबों की अदला-बदली को अभियान
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लॉकडाउन में कई दिनों से घरों में कैद अभिभावकों के ऊपर बच्चों की पढ़ाई के बोझ को कम करने के लिए सोशल मीडिया पर अनोखी मुहिम शुरू की गई है। इसके जरिए अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वे अपने बच्चे की पिछले साल की किताबों के नाम और मोबाइल नंबर व्हाट्सएप ग्रुप पर डालें ताकि जरूरतमंद अभिभावक उन्हें देखकर संपर्क कर सके।
लॉकडाउन में आय के सारे स्त्रोत बंद होने से अभिभावकों के सामने बच्चों की किताबें खरीदने की चुनौती खड़ी है। इसी के मद्देनजर सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए कुछ अभिभावकों ने ग्रुप बनाने शुरू कर दिए हैं जिसमें अभिभावकों की ओर से अपील की जा रही है कि सभी अपने-अपने बच्चों की पिछले साल पढ़ी जा चुकी पुस्तकों को स्कूल क्लास बोर्ड और मोबाइल नंबर लिखकर पोस्ट करें। ऐसा करने से जिस व्यक्ति को अपने बच्चों के लिए पुस्तके चाहिए होंगी वह प्राप्त कर सकेगा।
इस तरह से सभी लोगों को अदला-बदली करके किताबें मिल जाएंगी। कानपुर पैरेंट्स ग्रुप नाम से ऐसा ही एक ग्रुप वॉट्सएप पर कुछ अभिभावकों ने मिलकर बनाया है। इसमें एक दूसरों को अभिभावक किताबें उपलब्ध करवा रहे हैं। सबका कहना है कि ऐसा करने से बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे और अभिभावकों के ऊपर से पुस्तकें खरीदने का भार खत्म हो जाएगा। फेसबुक पर भी ऐसी मुहिम चलाई जा रही है।
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लॉकडाउन में आय के सारे स्त्रोत बंद होने से अभिभावकों के सामने बच्चों की किताबें खरीदने की चुनौती खड़ी है। इसी के मद्देनजर सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए कुछ अभिभावकों ने ग्रुप बनाने शुरू कर दिए हैं जिसमें अभिभावकों की ओर से अपील की जा रही है कि सभी अपने-अपने बच्चों की पिछले साल पढ़ी जा चुकी पुस्तकों को स्कूल क्लास बोर्ड और मोबाइल नंबर लिखकर पोस्ट करें। ऐसा करने से जिस व्यक्ति को अपने बच्चों के लिए पुस्तके चाहिए होंगी वह प्राप्त कर सकेगा।
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इस तरह से सभी लोगों को अदला-बदली करके किताबें मिल जाएंगी। कानपुर पैरेंट्स ग्रुप नाम से ऐसा ही एक ग्रुप वॉट्सएप पर कुछ अभिभावकों ने मिलकर बनाया है। इसमें एक दूसरों को अभिभावक किताबें उपलब्ध करवा रहे हैं। सबका कहना है कि ऐसा करने से बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे और अभिभावकों के ऊपर से पुस्तकें खरीदने का भार खत्म हो जाएगा। फेसबुक पर भी ऐसी मुहिम चलाई जा रही है।
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