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Kanpur News: एसी बसों के चालकों-परिचालकों ने रोडवेज कार्यशाला में किया हंगामा
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कानपुर। परिवहन निगम के विकासनगर स्थित कार्यशाला में मंगलवार को चालकों व परिचालकों ने मरम्मत में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने बसों में निम्न गुणवत्ता वाले उपकरण लगाने और बार-बार मरम्मत के बाद भी एसी खराब रहने की शिकायत की। क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
चालकों का आरोप है कि बसों में लगातार खराबी आ रही है। इससे बसें निर्धारित दूरी तय नहीं कर पा रही हैं, जिससे परिवहन निगम को हानि हो रही है। मंगलवार सुबह बनारस के लिए निकली एक एसी बस रामादेवी चौराहे से ही वापस लौट आई। चालक वीरेंद्र भदौरिया ने बताया कि बस रफ्तार नहीं पकड़ पा रही थी। एक अन्य बनारस रूट की एसी बस का एसी दो माह से खराब है। चालक कैलाश दुबे और अनिल पांडे ने बताया कि इंजन व एसी में दिक्कतें रोज खराबी का कारण बनती हैं। यह कार्यशाला डेढ़ साल पहले जयपुर ऑटो मरम्मत केंद्र को ठेके पर दी गई थी।
चालकों ने बताया कि बसों की दिक्कतें दूर नहीं हो रही हैं, जबकि कार्यशाला का खर्च दोगुना हो गया है। पहले मासिक खर्च करीब 18 लाख रुपये था, जो अब 50 लाख रुपये से अधिक है। कानपुर-बनारस रूट पर संचालित पांच एसी बसों में से मंगलवार को एक भी बस बनारस नहीं जा सकी। क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने कहा कि चालकों की समस्याएं सुनी गई हैं और उनका निस्तारण किया जाएगा।
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चालकों का आरोप है कि बसों में लगातार खराबी आ रही है। इससे बसें निर्धारित दूरी तय नहीं कर पा रही हैं, जिससे परिवहन निगम को हानि हो रही है। मंगलवार सुबह बनारस के लिए निकली एक एसी बस रामादेवी चौराहे से ही वापस लौट आई। चालक वीरेंद्र भदौरिया ने बताया कि बस रफ्तार नहीं पकड़ पा रही थी। एक अन्य बनारस रूट की एसी बस का एसी दो माह से खराब है। चालक कैलाश दुबे और अनिल पांडे ने बताया कि इंजन व एसी में दिक्कतें रोज खराबी का कारण बनती हैं। यह कार्यशाला डेढ़ साल पहले जयपुर ऑटो मरम्मत केंद्र को ठेके पर दी गई थी।
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चालकों ने बताया कि बसों की दिक्कतें दूर नहीं हो रही हैं, जबकि कार्यशाला का खर्च दोगुना हो गया है। पहले मासिक खर्च करीब 18 लाख रुपये था, जो अब 50 लाख रुपये से अधिक है। कानपुर-बनारस रूट पर संचालित पांच एसी बसों में से मंगलवार को एक भी बस बनारस नहीं जा सकी। क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने कहा कि चालकों की समस्याएं सुनी गई हैं और उनका निस्तारण किया जाएगा।
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