{"_id":"695977dbd464c3c5d20f8ce4","slug":"dpr-ready-talks-stuck-on-budget-of-rs-700-crore-kanpur-news-c-362-1-ka11003-138734-2026-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: डीपीआर तैयार, 700 करोड़ के बजट पर अटकी बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: डीपीआर तैयार, 700 करोड़ के बजट पर अटकी बात
विज्ञापन
कानपुर। ग्रीनपार्क स्टेडियम के लिए वर्ष 2025 निराशाजनक रहा लेकिन अब उम्मीदें वर्ष 2026 से हैं। बीते वर्ष सीमित दर्शक क्षमता और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण न केवल अंतरराष्ट्रीय मुकाबले दूर रहे, बल्कि आईपीएल का एक भी मैच स्टेडियम को नसीब नहीं हो सका। आधुनिकीकरण और विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर पूरे वर्ष चर्चा होती रही मगर योजनाएं धरातल पर उतर नहीं पाईं।
वर्ष 2026 में ग्रीनपार्क को बेहतर करने को लेकर जो भी परियोजनाएं बनाई गई हैं वे धरातल पर उतरेंगी। इसमें सबसे प्रमुख यहां के ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने की योजना है जिसके लिए प्रोजेक्ट तैयार होने के साथ ही डीपीआर फाइनल कर दी गई है। शासन की हरी झंडी मिलने के लिए आखिरी बैठक होनी है। अब 700 करोड़ के बजट पर बात अटकी है।
स्टेडियम में दर्शक क्षमता बढ़ाने, अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने और स्टैंड का नामकरण पूर्व खिलाड़ियों के नाम पर करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को कराने के लिए सभी फाइलें तैयार हैं। मंडलायुक्त से लेकर खेल सचिव तक सभी ग्रीनपार्क को बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सभी कार्य समय से शुरू हो जाएं एक साल के अंदर इन्हें पूरा किया जा सकता है। ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने का काम डेढ़ से दो महीने में पूरा हो सकता है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में कमजोर ड्रेनेज व्यवस्था के चलते भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच में ढाई दिन तक खेल बाधित रहा था। इससे ग्रीनपार्क की छवि प्रभावित हुई और कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं मिल पाया। फरवरी 2025 में नवीनीकरण के लिए 250 करोड़ रुपये की प्रारंभिक परियोजना तैयार की गई थी, जो बढ़कर 700 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) स्वीकृति के लिए सरकार को भेजी गई है। योजना के तहत दर्शक क्षमता 27,400 से बढ़ाकर 50,000 करना, वीवीआईपी गैलरी, उन्नत ड्रेनेज सिस्टम और आधुनिक सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। यह सब कार्य होने से ग्रीनपार्क को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पुनर्जीवित किया जा सकेगा। इस वर्ष नवीनीकरण को गति मिलने की उम्मीद है, बशर्ते यूपीसीए, जिला प्रशासन और सरकारी मशीनरी समन्वय के साथ काम कर सके।
वर्जन:::
यूपीसीए ने प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया है। स्टेडियम सरकारी भूमि पर बना है, इसलिए उच्चीकरण और आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी अब सरकार की है। हमारा दायित्व स्टेडियम की देखरेख और मरम्मत तक सीमित है। नया निर्माण या बड़े परिवर्तन सरकारी निर्णय पर निर्भर करते हैं। - प्रेम मनोहर गुप्ता, सचिव, यूपीसीए
-- -- -- -- -- --
इस वजह से उम्मीद
ड्रेनेज सिस्टम सहित अन्य निर्माण कार्यों को लेकर शासन की प्रथम स्वीकृति मिली।
शासन की ओर से एक साल के अंदर पूरा करने के लिए बैठक की जा चुकी है।
अधिकारियों की टीम भी यहां आकर निरीक्षण कर चुकी है।
जनवरी के बाद निर्माण कार्याें को हरी झंडी मिलने की उम्मीद।
-- -- -- --
इस वजह से भरोसा नहीं
- ग्रीनपार्क को बेहतर करने के लिए जो बजट तय किया गया है, वह जरूरत से काफी ज्यादा 700 करोड़ का है। इतने बजट की स्वीकृति शासन से होने में दिक्कत है।
- लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाद वाराणसी में बनाए जा रहे नए स्टेडियम को देखते हुए सरकार इतना अधिक बजट ग्रीनपार्क में खर्च करेगा इसका भरोसा नहीं है।
-- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
वर्ष 2026 में ग्रीनपार्क को बेहतर करने को लेकर जो भी परियोजनाएं बनाई गई हैं वे धरातल पर उतरेंगी। इसमें सबसे प्रमुख यहां के ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने की योजना है जिसके लिए प्रोजेक्ट तैयार होने के साथ ही डीपीआर फाइनल कर दी गई है। शासन की हरी झंडी मिलने के लिए आखिरी बैठक होनी है। अब 700 करोड़ के बजट पर बात अटकी है।
विज्ञापन
स्टेडियम में दर्शक क्षमता बढ़ाने, अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने और स्टैंड का नामकरण पूर्व खिलाड़ियों के नाम पर करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को कराने के लिए सभी फाइलें तैयार हैं। मंडलायुक्त से लेकर खेल सचिव तक सभी ग्रीनपार्क को बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सभी कार्य समय से शुरू हो जाएं एक साल के अंदर इन्हें पूरा किया जा सकता है। ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने का काम डेढ़ से दो महीने में पूरा हो सकता है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में कमजोर ड्रेनेज व्यवस्था के चलते भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच में ढाई दिन तक खेल बाधित रहा था। इससे ग्रीनपार्क की छवि प्रभावित हुई और कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं मिल पाया। फरवरी 2025 में नवीनीकरण के लिए 250 करोड़ रुपये की प्रारंभिक परियोजना तैयार की गई थी, जो बढ़कर 700 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) स्वीकृति के लिए सरकार को भेजी गई है। योजना के तहत दर्शक क्षमता 27,400 से बढ़ाकर 50,000 करना, वीवीआईपी गैलरी, उन्नत ड्रेनेज सिस्टम और आधुनिक सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। यह सब कार्य होने से ग्रीनपार्क को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पुनर्जीवित किया जा सकेगा। इस वर्ष नवीनीकरण को गति मिलने की उम्मीद है, बशर्ते यूपीसीए, जिला प्रशासन और सरकारी मशीनरी समन्वय के साथ काम कर सके।
वर्जन:::
यूपीसीए ने प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया है। स्टेडियम सरकारी भूमि पर बना है, इसलिए उच्चीकरण और आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी अब सरकार की है। हमारा दायित्व स्टेडियम की देखरेख और मरम्मत तक सीमित है। नया निर्माण या बड़े परिवर्तन सरकारी निर्णय पर निर्भर करते हैं। - प्रेम मनोहर गुप्ता, सचिव, यूपीसीए
इस वजह से उम्मीद
ड्रेनेज सिस्टम सहित अन्य निर्माण कार्यों को लेकर शासन की प्रथम स्वीकृति मिली।
शासन की ओर से एक साल के अंदर पूरा करने के लिए बैठक की जा चुकी है।
अधिकारियों की टीम भी यहां आकर निरीक्षण कर चुकी है।
जनवरी के बाद निर्माण कार्याें को हरी झंडी मिलने की उम्मीद।
इस वजह से भरोसा नहीं
- ग्रीनपार्क को बेहतर करने के लिए जो बजट तय किया गया है, वह जरूरत से काफी ज्यादा 700 करोड़ का है। इतने बजट की स्वीकृति शासन से होने में दिक्कत है।
- लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाद वाराणसी में बनाए जा रहे नए स्टेडियम को देखते हुए सरकार इतना अधिक बजट ग्रीनपार्क में खर्च करेगा इसका भरोसा नहीं है।