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सीने में दर्द को सिर्फ एसिडिटी न समझें, ये हो सकता है रोग का लक्षण
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 28 Sep 2017 09:09 AM IST
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अगर आपके सीने में दर्द हो रहा है तो इसकी वजह सिर्फ एसिडिटी नहीं हो सकती। लगातार उठने वाला दर्द हृदय रोग का लक्षण भी हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि डॉक्टर की सलाह ली जाए। आज के समय में लापरवाही से दिल के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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कार्डियोलॉजिस्ट डॉ एसके पांडेय कहते हैं कि ओपीडी में हर रोज ऐसे मरीज आते हैं जो हृदय रोग से बहुत समय से पीड़ित होते हैं। घरेलू उपचार या अनदेखी से यह डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं। दर्द अगर जबड़े से नाभि तक शरीर के किसी भी हिस्से में 15 मिनट से अधिक समय तक रहता है तो यह हल्के हार्ट अटैक या हृदय रोग का लक्षण हो सकता है। डॉ एसके पांडेय ने बताया कि प्रतिदिन उनके पास 70 से 100 मरीज आते हैं। काउंसलिंग में पता चलता है कि सीने में दर्द होने पर वह खुद इस निर्णय में उलझ जाते हैं कि यह एसिडिटी से जुड़ा दर्द है या कुछ और। उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक के ऐसे कई मामले सामने आए जब मरीज को लाने में देरी की गई। इसके चलते हृदय को नुकसान बढ़ चुका था।
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दिल में उठे दर्द तो समय का रखें ध्यान
दिल में दर्द उठने पर मरीज को जितनी जल्दी उपचार मिल जाए, उतना ही बेहतर है। हार्टअटैक के 6 घंटे के अंदर अगर इलाज मिल जाता है मरीज को अधिकतम फायदा होगा। 12 घंटे के अंदर मरीज को थक्का गलाने की दवाएं देकर बचाया जा सकता है। 24 घंटे में अगर एंजियोप्लास्टी हो जाती है तो हृदय की धमनियों को बचा सकते हैं। इससे अधिक समय बीत जाए तो नुकसान की भरपाई संभव नहीं।
दिल में दर्द उठने पर मरीज को जितनी जल्दी उपचार मिल जाए, उतना ही बेहतर है। हार्टअटैक के 6 घंटे के अंदर अगर इलाज मिल जाता है मरीज को अधिकतम फायदा होगा। 12 घंटे के अंदर मरीज को थक्का गलाने की दवाएं देकर बचाया जा सकता है। 24 घंटे में अगर एंजियोप्लास्टी हो जाती है तो हृदय की धमनियों को बचा सकते हैं। इससे अधिक समय बीत जाए तो नुकसान की भरपाई संभव नहीं।
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इस पर भी दें ध्यान
-थोड़ा समय व्यायाम के लिए निकालें।
-प्रतिदिन आधे घंटे तक व्यायाम करें।
-समय की कमी है तो आप टहल सकते हैं।
-सेहत के अनुरूप आहार लें।
-नमक का सेवन कम मात्रा में करें।
-अधिक वसा वाले आहार से बचें।
-ताजी सब्जियों व फल का सेवन करें।
-तंबाकू से दूर रहें।
-थोड़ा समय व्यायाम के लिए निकालें।
-प्रतिदिन आधे घंटे तक व्यायाम करें।
-समय की कमी है तो आप टहल सकते हैं।
-सेहत के अनुरूप आहार लें।
-नमक का सेवन कम मात्रा में करें।
-अधिक वसा वाले आहार से बचें।
-ताजी सब्जियों व फल का सेवन करें।
-तंबाकू से दूर रहें।