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गरीब किसान की जान ले गया ‘बेरहम कर्ज’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 03 Nov 2016 06:15 PM IST
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कर्ज लेकर परेशान किसान के मामले की जांच करेगा राजस्व विभाग
- फोटो : अमर उजाला
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हमीरपुर कोतवाली के हेलापुर मडइयन गांव में कर्ज न चुकाने से परेशान एक किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उस पर दो बैंकों का करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज था। पुलिस ने किसान के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
कोतवाली के बड़ागांव निवासी जगतनारायण निषाद (50) पुत्र राजाराम करीब 10 साल से हेलापुर मडइन में मकान बनाकर रह रहा था। उसके पास 25 बीघे जमीन है। इसमें बड़ागांव में 15 बीघे जमीन है। जबकि बांदा के झंझरीडेरा में ससुराल से 10 बीघा जमीन मिली थी। बड़े पुत्र संतराम ने बताया कि उसके पिता बैंकों से लिया कर्ज चुकता करने को लेकर परेशान रहते थे। बीते साल सूखा पड़ने से खेत परती पड़े रहे। बांदा के रामपुर कस्बा स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से पिता ने डेढ़ लाख रुपये केसीसी से बीते साल पांच जून 2015 को लिए थे। इधर करीब छह माह से उसके पिता हेलापुर मडइन में मकान बनाकर रह रहे थे। उन्होंने बड़ागांव की 15 बीघे जमीन पर बैंक ऑफ बड़ौदा से एक लाख रुपये का केसीसी तीन साल पहले बनवाया था। मां रामपति मानसिक रूप से बीमार होकर लापता है। पारिवारिक स्थिति ठीक न होने से उसके दो भाई राजकुमार और अशोक सूरत में मजदूरी करने लगे। जबकि तीसरा भाई कमलेश झंझरीडेरा में रहता है। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे हार्ट अटैक से पिता की मौत हो गई। किसान की मौत से घर में कोहराम मचा है। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। इस मामले में अपर जिलाधिकारी डॉ.राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि कर्ज को लेकर परेशान किसान के मामले की जांच राजस्व विभाग से कराएंगे। जांच के बाद ही पीड़ित परिवार की मदद हो सकेगी।
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कोतवाली के बड़ागांव निवासी जगतनारायण निषाद (50) पुत्र राजाराम करीब 10 साल से हेलापुर मडइन में मकान बनाकर रह रहा था। उसके पास 25 बीघे जमीन है। इसमें बड़ागांव में 15 बीघे जमीन है। जबकि बांदा के झंझरीडेरा में ससुराल से 10 बीघा जमीन मिली थी। बड़े पुत्र संतराम ने बताया कि उसके पिता बैंकों से लिया कर्ज चुकता करने को लेकर परेशान रहते थे। बीते साल सूखा पड़ने से खेत परती पड़े रहे। बांदा के रामपुर कस्बा स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से पिता ने डेढ़ लाख रुपये केसीसी से बीते साल पांच जून 2015 को लिए थे। इधर करीब छह माह से उसके पिता हेलापुर मडइन में मकान बनाकर रह रहे थे। उन्होंने बड़ागांव की 15 बीघे जमीन पर बैंक ऑफ बड़ौदा से एक लाख रुपये का केसीसी तीन साल पहले बनवाया था। मां रामपति मानसिक रूप से बीमार होकर लापता है। पारिवारिक स्थिति ठीक न होने से उसके दो भाई राजकुमार और अशोक सूरत में मजदूरी करने लगे। जबकि तीसरा भाई कमलेश झंझरीडेरा में रहता है। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे हार्ट अटैक से पिता की मौत हो गई। किसान की मौत से घर में कोहराम मचा है। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। इस मामले में अपर जिलाधिकारी डॉ.राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि कर्ज को लेकर परेशान किसान के मामले की जांच राजस्व विभाग से कराएंगे। जांच के बाद ही पीड़ित परिवार की मदद हो सकेगी।
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